बिलासपुर

बिल्हा BMO के पति की मनमानी के चलते मरीज परेशान….

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(जयेन्द्र गोले) : बिलासपुर – बिल्हा नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए वि.ख. बिल्हा, में 50 बिस्तर मातृ एवं शिशु अस्पताल बिल्हा का स्थापना शासन के द्वारा कराया गया है. किन्तु डॉ. शुभा गरेवाल, नेत्र रोग विशेषज्ञ, चलित नेत्र ईकाई बिलासपुर जो स्वयं बिल्हा अस्पताल में संलग्न होकर खण्ड चिकित्सा अधिकारी, बिल्हा के प्रभार पर है संरक्षण में अपने रिटायर्ड पति पूर्व बीएमओ डॉ. शरद गरेवाल के द्वारा सरकारी बीएमओ बंगला में अवैध रूप से अस्पताल लगभग 07 सालों से संचालित किया जा रहा है।

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जहां बीएमओ बिल्हा डॉ. शोभा गरेवाल स्वयं 03 साल से अटैचमेंट में है।सरकारी आवास में बीएमओ के पति के द्वारा निजी ओपीडी ही नहीं विभिन्न बिमारियों का आपरेशन तक किया जा रहा है प्रत्येक दिवस सुबह से आसपास के ग्रामीणजन सरकारी अस्पताल समझ कर आते है और इनके पास जाने पर इलाज कर मरीजों से मोटी रकम लिया जाता है तथा दवाईयां अपने सेंटिंग वाले दवा दुकान से दिलवाया जाता है यहां तक की सरकारी आवास के एक कमरे में ऑपरेशन थिएटर बनाकर रखे है जहां पर एक दिन में 04 से 05 हाइड्रोसिल, हार्निया जैसे बीमारियों का आपरेशन बीएमओ के पति डॉ. शरद गरेवाल के द्वारा किया जाता है डॉ. शरद गरेवाल, बीएमओ का पति होने के कारण इनको उक्त कार्य करने में संरक्षण प्राप्त है जिसमें कार्यालय सीएमएचओ बिलासपुर का भी सपोट है। और इनको कमीशन जाता है।

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सूत्रों से पता चला है कि आसपास के जितने झोलाछाप डॉक्टर है उनका भी बीएमओ बिल्हा से सेटिंग है, हर महीने झोलाछाप डॉक्टर बीएमओ को कमीशन देते है तथा झोलाछाप डॉक्टर के पास जो भी ऑपरेशन योग्य मरीज आते है उन्हें डॉ. शोभा गरेवाल एवं उन सबको डॉ. शरद गरेवाल के पास भेजते है जहां मरीजों से गोटी रकम लेकन उनका आपरेशन बीएमओ बंगला में किया जाता है पूर्व में भी डॉ. शरद गरेवाल बीएमओ थे तो उनके उपर भ्रष्टाचार एवं मरीज से ऑपरेशन के बदले पैसे लेने का मामला प्रकाश में आया था तत्पश्यात इनको बीएमओ पद से हटा दिया गया था। जिसके कारण रिटायर्ड होने के बाद इनका पेंशन प्रकरण में भी विलंब हुआ।वर्तमान में रिटायर्ड होने के बाद धडल्ले से अस्पताल, सरकारी बंगले में चलाया जा रहा है सरकारी बंगले का बिजली, पानी, भवन किराया, निशुल्क मुख्यालय में रहने के लिए बीएमओ बिल्हा के द्वारा बंगला लिया गया है लेकिन मुख्यालय में न रह कर बिलासपुर टिकरापारा से आना-जाना करते है और सुबह से रात तक बीएमओ बंगले में अवैध अस्पताल संचालित करते है जबकि खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल का शासन के द्वारा 2021 में पदोन्नति जिला चिकित्सालय के नेत्र चलित ईकाई के अंतर्गत अंधत्व निवारण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी के पद पर पदस्थापना की गयी है। जबकि पिछले तीन वर्षों से अवैध रूप से विल्हा बीएमओ के पद पर अटैच है।प्राप्त सूत्रों से जानकारी मिला है कि अटैचमेंट के लिए जिला अधिकारियों को हर माह मोटी रकम देकर अपना लगातार अटैचमेंट को बढ़ा लेती है जबकि शासन ने अटैचमेंट की प्रक्रिया पूरी तरीके से खत्म कर दिए है फिर भी पिछली सरकार में लेनदेन कर यह बीएमओ बिल्हा के पद पर अटैचमेंट करा कर बिल्हा में अपना व्यापार चला रहे है।

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