भिलाई

20 दिन बाद नेवई गोलीकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार…

दुर्ग – नेवई फायरिंग घटना का मुख्य आरोपी मुकुल सोना उर्फ सोनू को बिहार नालंदा से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने स्वयं पूरे प्रकरण की मॉनिटरिंग किया। आरोपी से घटना में प्रयुक्त कटटा, कारतूस, कार, मोटर सायकल जप्त किया गया है। पुलिस ने आरोपी के सहयोगियों एवं लोकल नेटवर्क को ध्वस्त किया है। पुलिस ने लगातार दिल्ली, यूपी, बिहार में दबिश दिया। आरोपी मुकुल पूर्व में अपहरण के मामले में जेल में निरूद्ध रहा है।

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मिली जानकारी के मुताबिक 3 लोगो के द्वारा थाना नेवई क्षेत्र के टंकी मरोदा बस्ती में फायरिंग की घटना पर से थाना नेवई में अपराध क्रं. 212/21 धारा 307 भादवि 25, 27 आ एक्ट कायम किया गया। पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल तत्काल घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित आला पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। तत्काल शहर में नाकाबंदी की कार्यवाही का निर्देश उनके द्वारा दिया जाकर उनके द्वारा एक विशेष टीम सीएसपी भिलाई नगर के नेतृत्व में 04 निरीक्षक, 25 अधिकारी/कर्मचारी को शामिल कर किया गया।

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प्रयुक्त कार एवं आरोपियों के संबंध में पतासाजी हेतु शहर के 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरा का फुटेज प्राप्त कर विश्लेषण किया गया। इसके पश्चात घटना में प्रयुक्त लाल रंग की संदिग्ध मारूती 800 कार की तलाशी में टीम लगाया गया। जिसके तहत टोल नाके, आई टी एम एस कैमरे, शहर में 800 कार के मालिको की जानकारी। मिली जानकारी के मुताबिक मैकेनिक की जानकारी, पार्टस विक्रेताओं की जानकारी इक्कठी की गई एवं जिले के तमाम निगरानी बदमाशो, सजायाबता अपराधियों की लिस्टींग कर उनको थाना बुलाकर कड़ाई से पुछताछ किया गया। 

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शहर में अवैध देशी कटटा, पिस्टल के मामलो में पूर्व के आरोपियों एवं उनके सहयोगियों की जानकारी लिया गया। पुछताछ कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही भी उनके खिलाफ किया गया। मिली जानकारी के मुताबिक तीन अज्ञात आरोपियों की पहचान नेवई क्षेत्र के बदमाश मुकुल सोना उर्फ सोनू तथा उसके दो सहयोगी मुकेश सिंह उर्फ पंचर निवासी इलाहाबाद, नागेन्द्र कुमार निवासी नालंदा बिहार के रूप में हुई। पहचान उपरांत इनकी गिरफ्तारी के प्रयास हेतु इनके संबंधित ठिकानो पर तत्काल दबिश दी गई। 

घटना बाद से ही अपने ठिकानो से तीनो आरोपी फरार मिले। चूकि अज्ञात आरोपियों की पहचान हो चूकी थी अतः पुलिस ने इस प्राथमिक सफलता उपरांत गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिया। आरोपी पूर्व में अपहरण के मामले में चालान हो चुके थे इसलिए इनके साथी दरानों की पहचान कर पुछताछ की जा रही थी।मिली जानकारी के मुताबिक अभी पुलिस अपनी कार्यवाही को आगे बढ़ा ही रही थी कि पाँच दिन बाद 10 जुलाई को नेवई थाना क्षेत्र के रिसाली इलाके में शाम 07:00 बजे करीब पुनः तीन हवाई फायर कर पुलिस के लिए एक और चुनौती देकर फरार हो गये।

आरोपियों द्वारा की गई फायरिंग के बाद दुर्ग पुलिस के द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु लगातार दबिश दी गई। उक्त घटना के बाद आरोपियों के धरपकड पतासाजी हेतु उनके हर संभावित ठिकाने पर टिटलागढ़ उडिसा, धमतरी, कुरूद, केशकाल, कांकेर, नागपूर, रायपुर, नंदिनी अहिवारा सहित दुर्ग भिलाई शहर के करीबन 40 ठिकानों पर दबिश दी गई। मिली जानकारी के मुताबिक इसी दौरान आरोपियों द्वारा सोशल (मांडवा, फेसबुक, इंस्टाग्राम के माध्यम से क्षेत्र में अपना दबदबा कायम करने के लिए एवं प्रार्थी को जान से मारने की धमकी दी गई एवं इसके माध्यम से पुलिस के इन्वेस्टीगेशन को गुमराह करने का भी प्रयास किया गया जिसे सायबर सेल के द्वारा सोशल मिडिया बैंक कर उनकी योजना को विफल कर दिया गया। सायबर सेल द्वारा लगातार तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा था एवं विश्लेषण के आधार पर लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही थी। 

आरोपियों को आर्थिक मद्द तथा शरण देने वाले लोगों के खिलाफ दुर्ग पुलिस द्वारा एक अभियान चलाकर ऐसे तमाम आरोपियों को चिन्हांकित कर उनके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर एवं प्रतिबंधात्मक कार्यवाही किया जिससे लोकल नेटर्वक टूट गया एवं कार्यवाही के डर से अन्य संभावित मद्दगार आरोपियों से दूरी बनाने लगे। मिली जानकारी के मुताबिक इसी दौरान आरोपियों को पनाह देने वाले संजय जोशी निवासी पोटिया, नंदिनी के घर दबिश दी जहाँ पुलिस को अवैध शराब का जखीरा भी मिला पुलिस ने आबकारी एवं आरोपी को पनाह देने के अपराध में संजय जोशी को गिरफ्तार किया गया। 

पूर्व में आरोपी के सहयोगी रहे अमित जोश थाना खुर्सीपार में धारा 399 भादवि 25 आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही जेल में निरूद्ध है। मुकुल के अन्य साथी विश्वजीत एवं लक्की जार्ज के खिलाफ भी पुलिस ने काठोर कार्यवाही करते हुये गिरफ्तार किया। मिली जानकारी के मुताबिक आरोपियों के सोशल मिडिया को संचालित करने वाले प्रखर चंद्राकर एवं अपचारी बालक के खिलाफ धारा 294, 506, 212, 34 भादवि के तहत कार्यवाही की गई।

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प्रकरण में आरोपियों की मदद करने वाले अन्य सहयोगियो जैसे सूरज पाल निवासी नेवई, अंशोक जांगडे निवासी ग्राम हनोदा पद्यमनाभपुर, मंगल सिंह निवासी स्टेशन मरोदा, पुलकित चंद्राकर निवासी मरोदा सेक्टर, गोपेन्द्र बाग निवासी पेशनबाडा, रायपुर के खिलाफ प्रतिबंधात्क कार्यवाही कर जेल भेजा गया।

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प्रकरण के आरोपी पुलिस की लगातार दबिश व घेराबंदी की कार्यवाही से एवं लोकल नेटवर्क टूटने से दुर्ग भिलाई क्षेत्र को स्वयं के लिए सुरक्षित ईलाका नहीं होने से राज्य से बाहर भागने की योजना बनाकर फरार हो गये। मिली जानकारी के मुताबिक सायबर सेल के लगातार तकनीकि विश्लेषण व परंपरागत पुलिसिंग के समन्वय से इनपुट आने लगे थे जिसमें आरोपियों के उत्तर भारत की ओर दिल्ली / लुधियाना जाने की पुष्टि हो रही थी तत्काल पुलिस अधीक्षक द्वारा दो विशेष टीम दिल्ली / लुधियाना के लिए रवाना कि गयी।

आरोपियों के द्वारा इंटरनेट गूगल के माध्यम से स्थानीय समाचार पत्रों व अन्य मिडिया के माध्यम से दुर्ग पुलिस की सम्पूर्ण कार्यवाही एवं गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी इसके अलावा यूट्यूब काईम पेट्रोल जैसे माध्यमों से अपन आप को अपडेट करने की कोशिश की जा रही थी जिसके कारण पुलिस के द्वारा संभावित ठिकाने पर दबिश दिये जाने के पहले ही आरोपियों के द्वारा एक स्थान पर अधिक देर नहीं रूकने की अपनी योजना को अमल मे लाते हुये अन्यत्र स्थान की ओर निकल जा रहे थे। मिली जानकारी के मुताबिक जिसके फलस्वरूप दिल्ली में पुलिस को अपनी कार्यवाही में खाली हाथ होना पड़ा, आरोपियों का पीछा करते हुए उत्तरप्रदेश के कुछ स्थानों में भी दबिश की कार्यवाही की गई पुलिस को भी यहाँ सफलता नहीं मिली।

मुकुल सोना एवं नागेन्द्र कुमार उत्तरप्रदेश के चंदोली से नागेन्द्र के निवास स्थान परथलपुर जिला नालांदा बिहार को सुरक्षित मानकर शरण लेने के लिए निकल गये है। तकनीकी विश्लेषण एवं मुखबिर सूचना की पुष्टि होने पर पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल द्वारा नालांदा जिले के पुलिस अधीक्षक हरि प्रसाद से संपर्क कर दुर्ग पुलिस को मदद की आग्रह किये जाने पर उनके द्वारा तत्काल आवश्यक सुविधा एवं संसाधन उपलब्ध कराया गया।मिली जानकारी के मुताबिक इसके पश्चात दुर्ग पुलिस एवं नालादा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा आरोपी नागेन्द्र के निवास स्थान पर घेराबंदी कर दबिश की कार्यवाही की गई। 

मौके पर आरोपी मुकुल सोना हिरासत में लिया गया। पुछताछ पर मुकुल सोना द्वारा अन्य आरोपी नागेन्द्र के संबंध में बताया कि दबिश के पूर्व ही कहीं अन्यत्र चला गया था। मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस टीम द्वारा नागेन्द्र की पता तलाश की जा रही है। मुख्य आरोपी मुकुल सोना के बयान मेमोरण्डम पर से घटना में प्रयुक्त दो नग मोबाईल, वाई-फाई राउटर, देशी कट्टा, राउण्ड, मारुति कार 800, मोटर सायकल पल्सर 200 RS विधिवत जप्ती की गई है। आरोपी मुकुल सोना को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जाता है।

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