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जिसके मन में जो आ रहा है वह बोल रहा है…अब लालू के खास जगदानंद का पढ़िए बयान… नफरत की जमीन पर हो रहा है राम मंदिर का निर्माण

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(शशि कोन्हेर) : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  ने राम मंदिर की तारीख को लेकर बयान दिया तो इस पर आरजेडी  के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने विवादित बयान दे डाला। उन्होंने कहा कि नफरत की जमीन पर राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। उन्होने कहा कि कण- कण से समेट कर राम अब चारदीवारी में चले गए हैं। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा में कहा कि अयोध्या में राम मंदिर एक जनवरी 2024 को बनकर तैयार हो जाएगा।

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इस बयान के बाद विपक्ष की तरफ से बयानबाजी तेज हो गई है। दरअसल अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण का काम जबरदस्त तेजी से चल रहा है और उसी तेजी से गृहमंत्री और बीजेपी नेता अमित शाह ने ऐलान कर दिया कि देश की जनता 1 जनवरी 2024 से भगवान श्रीराम के दिव्य दर्शन कर सकेगी।

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क्या कहा था अमित शाह नेगृह मंत्री अमित शाह ने कहा था, ‘राहुल बाबा कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष थे। और ये पूछते थे राम मंदिर वहीं बनाएंगे तिथि नहीं बताएंगे। तो राहुल बाबा कान खोलकर सुन लो….एक जनवरी 2024 को अयोध्या में गंगनचुंबी राम मंदिर तैयार मिलेगा।

अमित शाह के इस ऐलान से मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस परेशान हो गई। वो कांग्रेस जिसने भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर ही सवाल उठा दिया था उस कांग्रेस ने भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण के क्रेडिट पर जंग छेड़ दी है।

जगदानंद का विवादित बयान
अब बिहार के नेता जी से मिलिए जो हैं लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक सेनापति, उनकी पार्टी RJD के अध्यक्ष श्री जगदानंद सिंह, जो कहते हैं कि श्रीराम जन्मभूमि पर नहीं नफरत की जमीन पर श्रीराम मंदिर का निर्माण हो रहा है। जगदानंद कहते हैं, ‘नफरत की जमीन पर राम मंदिर का निर्माण हो रहा है, इस देश में इंसानियत से बड़ा उन वादियों के राम बचे हुए हैं।

अब लोगों, गरीबों, अयोध्या के राम, शबरी के जूठन खाने वाले राम नहीं हैं बल्कि पत्थरों के भीतर कैद रहने वाले राम रहेंगे। भारत में राम को लोगों के दिलों में से छीन कर सिर्फ पत्थरों के आलीशान भवन में बैठाया नहीं जा सकता। हम लोग हे राम वाले हैं जय श्री राम वाले नहीं हैं।’


इनको तो 21 तोपों की सलामी मिलनी चाहिए। जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव के सी त्यागी ने कहा कि ये सर्वथा सत्य है कि राम किसी एक राजनीतिक दल के नहीं है। अयोध्या का श्रीराम मंदिर किसी भी राजनीतिक दल की मिल्कियत नहीं है लेकिन ये कह देना कि श्रीराम मंदिर नफरत की जमीन पर बन रहा है, देश के 100 करोड़ से ज्यादा हिंदू और राम भक्तों की आस्था को गाली देने जैसा है।

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