बिलासपुर

रेलवे ने नशेड़ियों का अड्डा बने मकानों को किया जमींदोज..चला जेसीबी


(भूपेंद्र सिंह राठौर के साथ जयेन्द्र गोले) : बिलासपुर – रेलवे के जर्जर मकानों में अब नशेड़ियों का जमावड़ा नहीं रहेगा। रविवार से रेल प्रशासन ने इन्हें ढहाने का काम प्रारंभ कर दिया है। जेसीबी से तोड़ने के साथ ही ट्रैक्टर लगातार तत्काल मलबा भी हटाया जा रहा है, ताकि इस क्षेत्र में अव्यवस्था नजर न आए। कंडम मकानों को तोड़ने का सिलसिला अभी जारी रहेगा।

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रेलवे में किसी मकान की एक आयु तय रहती है। यह अवधि पूरी होते ही उसे कंडम घोषित कर दिया जाता है। इसके बाद उसे ढहाने का नियम भी है, लेकिन रेलवे लंबे समय से इस काम रोककर रही थी। इसी का नतीजा है कि यह क्वार्टर नशेड़ियों का अड्डा बना चुका है। इतना ही नहीं मकानों में रखी सामाग्रियां भी चोरी हो रही थी। यह सीधे रेलवे को नुकसान है। दरअसल रेलवे कबाड़ बेचकर भी राजस्व प्राप्त करती है। पर नशेड़ी सामान को पहले बेचकर रेलवे को नुकसान पहुंचा रहे थे। इसके अलावा इन कंडम क्वार्टर में लगातार नशे के लिए उपयोग किए सामान बिखरे पड़े मिलते थे। इन्हीं गतिविधियों को देखते हुए रेल प्रशासन के द्वारा सभी कंडम क्वार्टरों को चिंहित किया गया। इसके बाद अब उन्हें तोड़ने का काम प्रारंभ कर दिया है। अभी लोको खोली के मकानों को ढहाया जा रहा है। इसके बाद जहां- जहां चिंहित जर्जर क्वार्टर है, उन्हें तोड़ा जाएगा। इसमें जो सामान निकल रहे हैं, उन्हें एकत्र करने के साथ व्यवस्थित रखा जा रहा है। दरअसल वह मजबूत व उपयोगी है। जिनका और कहीं मकान निमाण में उपयोग किया जा सकता है। मकान तोड़ने के बाद उस जगह का साफ व बराबर भी किया जाएगा, ताकि भविष्य नए क्वार्टर या फिर कार्यालय बनाने की योजना हो, तो आसानी से उसे शुरू किया जा सके। क्वार्टर टूटने के बाद वह क्षेत्र साफ- सुथरा दिखने भी लगा है। इस काम के आधार पर काफी तक नशेड़ियों पर अंकुश लगाया जा सकता है।

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