बिलासपुर

जिला अस्पताल को तीन दिन के भीतर पेश करना होगा रिपोर्ट,  हाइकोर्ट ने दिया निर्देश

(जयेन्द्र गोले) : बिलासपुर।रिजेंट नहीं होने से जिला अस्पताल में थायराइड जांच मशीन 3 माह से बंद है। गर्भवती महिलाओं व अन्य मरीजों को बाहर निजी लैब में जांच करवानी पड़ रही है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा सीजीएमसी को कई बार पत्र लिखा जा चुका, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा। वहीं बिल्हा मातृ शिशु अस्पताल में हमर लैब स्थापित है, लेकिन ब्लड-यूरिन, स्टूल टेस्ट सहित अन्य टेस्ट के लिए पैथोलाजिस्ट नहीं है। यहां जांच के लिए आने वाले मरीजों को बाहर निजी लैब भेजा जा रहा है।जिला अस्पताल में जांच के लिए रिजेंट नहीं होने कारण थायराइड जांच की मशीन पिछले 3 महीने से बंद पड़ी है। यहां इलाज के लिए ओपीडी में आने वाले मरीज और भर्ती मरीजों को इस जांच के लिए अस्पताल के बाहर निजी लैब भेजा जाता है। सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाओं को परेशानी होती है। जिला अस्पताल के हार्मोनल जांच मशीन का रिजेंट 3 महीने से खत्म हो चुका है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से सीजीएमएसी के कई बार पत्र लिखा गया लेकिन अब तक रिजेंट नहीं भेजा गया है।


जिला अस्पताल के मातृ एवं शिशु अस्पताल में प्रतिदिन 60 से 70 मरीज आते हैं। तीन महीने में 4263 मरीज निजी लैब जा चुके हैं।इस मामले में हाई कोर्ट स्वत संज्ञान में लेते हुए तीन दिवस के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने कहा गया है।

माननीय उच्च न्यायलय में सबंधित जानकारी प्रदाय करने के संबंध में PIL क 27 माननीय उच्च न्यायलय में संबधित जानकारी निम्न बिन्दुओं पर तीन कार्याकालीन दिवसों में प्रदाय करे।

(1) लैब में स्थापित मशीनों का नाम एवं वर्ष।

(2) पिछले दो वर्षों में रिजेन्ट कब कब प्राप्त हुआ।

(3) कुल जाँच की संख्या।

(4) किन-किन मशीनों का रिजेन्ट समाप्त हो चुका है, उसका मांग पत्र कव भेजा गया है अथवा नहीं एवं रिजेन्ट की उपलब्धता की वर्तमान स्थिति ।

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