चौकीदार हत्याकांड: 10 दिन बाद धरना समाप्त, 11.50 लाख मुआवजा व नौकरी पर बनी सहमति

(आशीष मौर्य संपादक) : बिलासपुर – बाल संप्रेषण गृह के चौकीदार नरेंद्र खांडे की हत्या के बाद 10 दिन से चल रहा धरना मंगलवार रात समाप्त हो गया। प्रशासन की ओर से अलग-अलग मदों से 11.50 लाख रुपए मुआवजा और बेटे को संविदा या कलेक्टर दर पर नौकरी देने के आश्वासन पर परिजन व समाज के लोग सहमत हो गए। बुधवार को पुलिस की मौजूदगी में सिम्स प्रबंधन ने नरेंद्र खांडे का शव परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया।
सरकंडा के नूतन चौक स्थित बाल संप्रेषण विशेष गृह में 12 जुलाई की रात चार अपचारी बालकों ने चौकीदार नरेंद्र खांडे की हत्या कर फरार हो गए थे। घटना के बाद परिजन और समाज के लोग धरने पर बैठ गए थे। उनकी मांग थी कि मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपए मुआवजा, पत्नी को 15 हजार रुपए मासिक पेंशन, बेटे को नौकरी तथा बेटी की पढ़ाई और विवाह का पूरा खर्च प्रशासन उठाए। धरने के दसवें दिन मृतक की पत्नी की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सिम्स में भर्ती कराया गया। इसके बाद प्रदर्शन और उग्र हो गया। इस बीच पुलिस ने चार फरार अपचारी बालकों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार परिजनों से बातचीत करती रही।
बाद में समाज ने 35 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग रखी, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद 11.50 लाख रुपए के मुआवजे पर सहमति बनी।समझौते के तहत 5 लाख रुपए बेटी के विवाह के लिए, 5 लाख रुपए स्वेच्छा अनुदान, 1 लाख रुपए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा 50 हजार रुपए रेडक्रॉस से देने की बात कही गई है। परिवार के जीवन-यापन के लिए बेटे को संविदा या कलेक्टर दर पर नौकरी देने का भी प्रशासन ने आश्वासन दिया है।




