बिलासपुर

भालू की दस्तक से गांव में मचा हड़कंप….

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर जिले के जाली गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गांव के पास एक भालू के दिखने की खबर फैली। ग्रामीणों में दहशत फैल गई, वहीं वन विभाग की टीम तुरंत अलर्ट हो गई। रतनपुर और बिलासपुर वन परिक्षेत्र की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभाला।

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रविवार सुबह बिलासपुर और रतनपुर वन परिक्षेत्र की सीमा पर बसे जाली गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक भालू गांव के करीब एक डोंगरी पर आकर बैठ गया। भालू को सबसे पहले एक ग्रामीण ने देखा, जिसके बाद गांव में खबर आग की तरह फैल गई और लोग इकट्ठा हो गए।

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भालू जंगल से भटककर गांव के करीब स्थित तालाब तक प्यास बुझाने आया था। बताया जा रहा है कि जंगल में जलस्रोत और आहार की कमी के कारण वन्य प्राणी अब इंसानी बस्तियों की ओर रुख करने लगे हैं।

भालू की सूचना मिलते ही रतनपुर और बिलासपुर वन परिक्षेत्र का अमला मौके पर पहुंचा और सबसे पहले ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। वनकर्मियों ने भालू की प्रत्यक्ष निगरानी की और बताया कि वह खुद ही जंगल लौट जाएगा, बशर्ते कोई उसे उकसाए नहीं।

भालू की लोकेशन ट्रैक करने के लिए वन विभाग ने ड्रोन का भी सहारा लिया, लेकिन घने जंगल की वजह से कैमरे में भालू नजर नहीं आया। हालांकि वनकर्मियों को निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए गए।

दिनभर डोंगरी में बैठे रहने के बाद आखिरकार रात में भालू जंगल की ओर लौट गया। इस बात की पुष्टि निगरानी टीम ने की। इसके बाद वन अधिकारियों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। बावजूद इसके, गांव के आसपास वन विभाग की गश्त और सतर्कता जारी रहेगी।

गनीमत रही कि भालू ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। लेकिन यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि जंगलों में जल और आहार की व्यवस्था सुधारना कितना जरूरी हो गया है। ऐसे हालात में मानव और वन्यजीव टकराव की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

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