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सस्ते हुए मोटे अनाज से बने प्रोडक्ट, शीरा पर 5% टैक्स, शराब पर भी बड़ा फैसला

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नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में जीएसटी काउंसिल की 52वीं बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। काउंसिल ने मोटे अनाज से बने प्रोडक्ट्स पर 5% टैक्स लगाने का फैसला लिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 70 प्रतिशत मोटे अनाज के आटे को खुला बेचा जाए तो इसपर पर शून्य प्रतिशत जीएसटी लगेगा।

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इसे पैक करके बेचने पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा। बता दें कि इस पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता था लेकिन काउंसिल की फिटमेंट कमेटी ने टैक्स छूट की सिफारिश की थी। इसी के बाद यह फैसला लिया गया है। यह आटा अपने पोषण और स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है।

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-इसके अलावा काउंसिल ने शीरा पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने का फैसला किया है। जीएसटी काउंसिल ने सरकारी अधिकारियों को आपूर्ति की जाने वाली वाटर सप्लाई, पब्लिक हेल्थ, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अलावा स्लम सुधार और उन्नयन की सेवाओं को जीएसटी छूट दी है।

-जीएसटी काउंसिल ने अल्कोहलिक शराब के निर्माण के लिए आपूर्ति किए जाने पर एक्स्ट्रा-न्यूट्रल अल्कोहल (ईएनए) की छूट को मंजूरी दे दी है। अनाज आधारित और गुड़ आधारित ईएनए दोनों को जीएसटी से छूट दी जाएगी।

-जीएसटीएटी के अध्यक्ष के लिए आयु सीमा 67 से बढ़ाकर 70 वर्ष कर दी गई है। वहीं, सदस्य पहले की तरह 65 के बजाय 67 वर्ष की आयु तक सेवा कर सकते हैं। अध्यक्ष और सदस्यों दोनों के लिए न्यूनतम आयु 50 वर्ष है।
-काउंसिल ने जॉब वर्क सर्विसेज पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया।

गेमिंग कंपनियों के समर्थन में दिल्ली की वित्त मंत्री
दिल्ली की वित्त मंत्री आतिशी ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को दिए गए 1.5 लाख करोड़ रुपये के टैक्स चोरी के नोटिस को समाप्त करने की मांग की। दिल्ली की वित्त मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र 50,000 युवाओं के रोजगार का जरिया है और यह 17,000 करोड़ का विदेशी निवेश आकर्षित करता है, इसलिए जरूरी है कि इस उद्योग की रक्षा करने के लिए टैक्स चोरी से जुड़े नोटिस वापस लिए जाएं।

आतिशी ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग उद्योग पर 28 प्रतिशत कर सहित जीएसटी काउंसिल के पूर्व के फैसलों ने प्रतिकूल प्रभाव डाला है। बता दें कि दो अगस्त को हुई बैठक में काउंसिल ने कसीनो, हॉर्स रेसिंग (घोड़ों की दौड़) और ऑनलाइन गेमिंग पर कर में स्पष्टता लाने के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कानून में संशोधन को मंजूरी दी थी।

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