अम्बिकापुर

अधुरे सामुदायिक शौचालय कार्य का पंचायत वासियों को नहीं मिल रहा लाभ

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(मुन्ना पाण्डेय) : लखनपुर+(सरगुजा) जंप क्षेत्र के तकरीबन सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 3 लाख 50 हजार रुपये लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य पंचायत एजेंसी द्वारा कराया जा चुका है अथवा कराया जा रहा है। कुछ पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का कार्य मुकम्मल हो चुकी है और कुछ पंचायतों में कार्य आधे अधूरे अधर में लटके हुए हैं ।
ऐसी ही दशा ग्राम पंचायत मांजा के सामुदायिक शौचालय का है। 3.50 लाख लागत से बनने वाला शौचालय लम्बे समय से अधुरा पड़ा हुआ है। ऐसी सूरत में पंचायत वासियों को सामुदायिक शौचालय का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। पंचायत वासियों का कहना है निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालय अत्यंत ही घटिया स्तर के साथ गुणवत्ता हीन बनाया जा रहा है। लोगों का मानना है आने वाले दिनों में शौचायल लोगों के उपयोग लायक नहीं रह जायेगा।

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कुछ दिनों में ही शौचालय उपयोगहीन हो कर रह जाएगी। पंचायत वासियों ने यह भी बताया कि पूर्व में भी ग्राम पंचायत द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत व्यक्तिगत निजी शौचालय निर्माण कार्य कराया गया था। निर्माण कार्य काफी घटिया होने कारण मौजूदा वक्त में ग्राम पंचायत के 75 फिसदी शौचालय टूट फूटकर उपयोगहीन होकर रह गये है। जो स्वस्थ भारत मिशन के मकसद का खुला तौहीन है। शायद यही वजह है कि पंचायत के लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं। ठीक उसी प्रकार वर्तमान में कराया जा रहा घटिया सामुदायिक शौचालय निर्माण के कारण आने वाले समय में इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाएगा।
इसी फेहरिस्त में जंप क्षेत्र के नवीन ग्राम पंचायत जुड़वानी में भी पंचायत भवन के पास लाखों के लागत से बनाया गया सामुदायिक शौचालय अपूर्ण होने कारण इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। गांव के लोगों ने बताया कि पूर्व में ग्राम पंचायत जुडवानी ग्राम पंचायत नरकालो का आश्रित मोहल्ला था उस वक्त पंचायत एजेंसी के जरिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत कराये गये निजी शौचालय निर्माण कार्य में भी काफी लापरवाही बरती गई थी। जिससे वर्तमान में अधिकांश नीजी शौचालय फुट कर उपयोगहीन हो गये है। जिससे पंचायत के लोगों को शौचालय सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। वहीं ग्राम पंचायत नरकालो में स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब 14 लाख रूपये से बनाया गया अपशिष्ट पदार्थ प्रबंधन शेड बेकार बेकाम होकर रह गया है। बनाया गया अपशिष्ट पदार्थ प्रबंधन का लाभ ग्रामवासीयों को नहीं मिल सका । बनाये गये शेड के मुख्य दरवाजे में लगे लोहे के गेट तक को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा चोरी कर ले जाया गया है। ग्राम वासियों ने बताया इस शेड निर्माण में सिर्फ शासकीय राशि का भ्रष्टाचार और बंदरबांट हुआ है।

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जंप क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कराये गये निजी एवं सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ कर रह गया है। यदि स्वच्छ भारत मिशन के तहत कराये कार्यों की सुक्ष्म व निष्पक्ष जांच कराई जाए तो सच्चाई खुदबखुद सामने आ जायेगी। नीजी तथा सामुदायिक शौचालय का एक दूसरा पहलू भी है शासन प्रशासन स्तर से विकासखंड लखनपुर को ओडीएफ घोषित तो कर दिया गया लेकिन यह ओडीएफ केवल कागजों में घोषित हुआ है जबकि इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है। अधुरे सामुदायिक शौचालय के संबंध में ग्राम पंचायत माजा के सरपंच सोनामती सोनवानी ने बताया राज मिस्त्री नहीं मिलने कारण निर्माण कार्य अधूरा है।

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