छत्तीसगढ़

राज्य सरकार से ठगे गए मनरेगा कर्मी, निकाली रैली,कहा आंदोलन का इंतज़ार न करे सरकार…

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : मनरेगा कर्मियों द्वारा सात माह पहले उग्र आंदोलन के बाद राज्य सरकार कुछ मांग पूरा करने का आश्वासन दिया था। लेकिन आंदोलन खत्म होने के बाद भी अधिकारी कर्मचारियों की मांग पूरी नहीं हो पाई है। जिसके विरोध में शनिवार को सरकार को वादा याद दिलाने के लिए न्याय रैली निकाली गई।

मनरेगा कर्मियो ने अप्रेल-मई की भीषण गर्मी में 66 दिन का लंबा हड़ताल और संघर्ष किया था। बाद में राज्य सरकार के जनप्रतिनिधियों ने हड़ताली मंच पर जाकर पांच मांग पूरी करने वादा किया था। जिससे मनरेगा के अधिकारी कर्मचारी हड़ताल स्थगित कर काम पर लौट गए थे। जिन मुद्दों पर आंदोलनकारियों के साथ सरकार की सहमति बनी थी। उनमें से एक भी मांग अब तक पूरी नही हुई है।

यही नही इसके विपरीत लगातार बढ़ते प्रशासनिक दबाव और राज्य स्तर से नियमों के तोड़-मरोड़ से कर्मचारी परेशान हो गए है। विरोध में 24 दिसंबर को प्रदेश के 5 संभाग रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा में रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम संभाग आयुक्त को ज्ञापन सौपा गया।

ये कर्मचारी अल्प वेतनमान, बिना किसी सामाजिक सुरक्षा और कभी भी नौकरी से निकाले जाने के भय से मानसिक रूप से संघर्ष करते आ रहे हैं। बिलासपुर संभाग मुख्यालय में नेहरू चौक से वादा निभाओ न्याय रैली निकाली गई। जिसमें संभाग के सभी जिलों से आये मनरेगा कर्मचारियों ने भाग लिया।

रोजगार सहायकों का वेतनमान निर्धारण व नियमितिकरण और मनरेगा कर्मचारियों को पंचायत कर्मी का दर्जा दिए जाने के लिए सहमति बनी थी। मांगे तो पूरी नहीं हुई इसके विपरीत प्रशासनिक दबाव और शोषण जरूर बढ़ गया। जिससे सभी कर्मचारी परेशान हैं। इसके लिए महासंघ ने न्याय यात्रा के माध्यम से सरकार से गुहार लगाई है।

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