Uncategorized

गुजरात से टकराते ही तांडव मचाने लगा चक्रवाती बिपरजॉय, IMD ने बताया कितना….

Advertisement

(शशि कोन्हेर) : भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार शाम को कहा कि गुजरात तट पर चक्रवात ‘बिपारजॉय’ ने दस्तक दे दी है और इसके टकराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभाग ने एक बयान में कहा कि ‘बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान’ बिपारजॉय उत्तरी अरब सागर में केंद्रित है।

Advertisement

और यह 115-125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सौराष्ट्र तट के करीब आ रहा है, जिसकी रफ्तार 140 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। आईएमडी ने कहा, ”चक्रवात के टकराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।” विभाग ने कहा कि यह प्रक्रिया तीन से चार घंटे में पूरी होगी।

Advertisement

दिल्ली मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि बिपारजॉय चक्रवात फिलहाल यह 115-125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहा है। कच्छ, सौराष्ट्र में लैंडफॉल शुरू हो गया है। सौराष्ट्र, कच्छ में भारी बारिश हो रही है, आगे और तेज बारिश की संभावना है। मध्य रात्रि तक लैंडफॉल जारी रहेगा।

Advertisement

तट से टकराने के बाद, चक्रवात के बहुत जल्दी आगे बढ़ने की उम्मीद है। शुक्रवार तक, चक्रवात लगभग पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा। लेकिन इस समय के दौरान, इससे गुजरात के तटीय जिलों में बहुत अधिक नुकसान होने की आशंका है, जिसके कई हिस्सों में पहले से ही तूफ़ान और बारिश शुरू हो चुकी है। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर तूफान की लहरें 3 से 6 मीटर तक ऊंची जा सकती हैं।

Advertisement

क्या है चक्रवात का केंद्र?

बिपारजॉय चक्रवात गुजरात तट पर पहुंचा। उस वक्त तूफान की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा थी। तूफान की रफ्तार 125 से 150 किमी प्रति घंटा हो सकती है। तूफान के कारण जामनगर में कई पेड़ उखड़ गए। चक्रवाती तूफान के केंद्र का व्यास लगभग 50 किमी है, यह केंद्र आधी रात तक जमीन से टकराएगी। चक्रवात के केंद्र को आंख कहते हैं। आमतौर पर चक्रवात का केंद्र 30 से 65 किमी के व्यास का होता है।

चक्रवात के कारण बंद हुआ द्वारकाधीश मंदिर

गुजरात के प्राचीन द्वारकाधीश मंदिर को चक्रवात ‘बिपारजॉय’ के मद्देनजर दर्शनार्थियों के लिए बृहस्पतिवार को  बंद कर दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। द्वारकाधीश मंदिर समूह अपने बाहरी परिसर के साथ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के तहत एक संरक्षित स्थल है। देवभूमि द्वारका जिले की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, द्वारका में मुख्य मंदिर को ‘जगत मंदिर’ या ‘त्रिलोक सुंदर’ के रूप में जाना जाता है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने ‘बिपारजॉय’ के बृहस्पतिवार देर रात तक गुजरात के कच्छ जिला स्थित जखौ बंदरगाह के नजदीक ‘बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान’ के रूप में टकराने का अनुमान जताया है। चक्रवात के टकराने के दौरान तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की आशंका के मद्देनजर आठ तटीय जिलों से 94,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है।

Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button