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दोबारा हो जातीय गणना; चिराग बोले- पासवानों की कम दिखाई आबादी, सियासी फायदे के लिए आंकड़ों में हेराफेरी

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(शशि कोंन्हेर) : लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने जातीय गणना रिपोर्ट पर नीतीश सरकार को घेरा है। ऑस्ट्रेलिया की राजधानी सिडनी से अपने एक्स अकाउंट पर वीडियो जारी कर जातीय गणना दोबारा कराने की मांग की है। और कहा कि सियासी फायदे के लिए कई छोटी जातियों के आंकड़े कम दिखाए गए हैं। उन्होने कहा कि पासवान जाति के ही आंकड़े कम करके दिखाए गए हैं। और जातीय गणना में पारदर्शिता नहीं बरती गई है।

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चिराग पासवान ने अपने एक्स हैंडल पर जारी किए गए वीडियो में कहा कि बिहार सरकार की ओर से जातीय गणना के आंकड़े जिस तरह से जारी किए गए हैं, ये सरकार के राजनीतिक महत्वकांक्षाओं को दर्शाता है। इसमें जाति विशेष के आंकड़ों को बढ़ाकर दिखाया गया है। जबकि बिहार की ऐसी कई अन्य छोटी जातियां हैं, जो SC-ST और पिछड़ा वर्ग से आती हैं। उनके आंकड़ों को कम करके दिखाया गया है। चिराग ने कहा कि लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) पूरी तरह से बिहार सरकार की तरफ से कराए गए इस जाति आधारित गणना को नकारती है। साथ ही इसे दोबारा कराने की मांग करती है।

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उन्होने कहा कि इसमें पारदर्शिता नहीं बरती गई है। कई लोगों ने खुद संपर्क साधकर बताया कि उनसे तो किसी ने पूछा भी नहीं। इसमें न तो राजनीतिक कार्यकर्ताओं से पूछा गया और न ही आम बिहारी से। जो साफ तौर से दर्शाता है कि बिहार की महागठबंधन सरकार जातीय गणना के जरिए राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है। ऐसे में हम चाहते हैं कि नए सिरे से और पूरी पारदर्शिता के साथ जातिगत जनगणना हो। साथ ही इसकी प्रक्रिया की जानकारी सभी को हो, ताकि हर जाति के आबादी की सही जानकारी जनता के सामने आ सके।

आपको बताते दें चिराग पासवान इन दिनों ऑस्ट्रेलिया में है। और वहीं उन्होने पिता रामविलास पासवान का तर्पण किया। और सोशल मीडिया पर तस्वीरें भी शेयर कीं। चिराग ने ट्वीट कर लिखा- आज जो कुछ भी हूं, पापा के आशीर्वाद से हूं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि पापा जहां भी होंगे। परिवार को अपना आशीर्वाद दे रहें होंगे। पितृपक्ष पर पापा को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि ! Love you Papa

आपको बता दें इससे पहले बीजेपी लगातार जातीय गणना रिपोर्ट पर सवाल उठा रही है। बीजेपी सांसद सुशील मोदी ने भी जातीय गणना की जांच की बात कही है। और कहा कि अत्यंत पिछड़ा वर्ग की कई जातियों की संख्या कम दिखाई गई है। जबकि एक धर्म और जाति विशेष की आबादी बढ़ा-चढ़ा कर बताई ग ई है। वहीं जीतन मांझी ने भी जाति गणना रिपोर्ट में अपनी जाति की संख्या को लेकर सवाल खड़े किए हैं। और अब चिराग पासवान ने दोबारा जाति गणना कराने की मांग की है।

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