• Dr CV Raman Portal Header Ad
  • lokswarad_1
  • javascript slider
  • lokswarad_4
छत्तीसगढ़

BREAKING : महिला आरक्षण बिल कैबिनेट से पास, विशेष सत्र में होगा पेश; PM मोदी ने फिर चौंकाया

Advertisement

(शशि कोन्हेर) : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाले विधेयक को आज शाम मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सोमवार को केंद्र की कैबिनेट बैठक हुई। संसद के एनेक्सी भवन में हुई यह बैठक करीब डेढ़ घंटे चली। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक के दौरान महिला आरक्षण बिल कैबिनेट से पास हो गया। बैठक में पीएम मोदी समेत विभिन्न मंत्री शामिल हुए।

Advertisement

संसद के विशेष सत्र का ऐलान होने के बाद से अनुमान लगाए जा रहे थे कि पीएम मोदी एक बार फिर चौंकाएंगे। सोमवार को कैबिनेट मीटिंग के दौरान पीएम मोदी के अलावा विभिन्न केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। इसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्री पीयूष गोयल, संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी आदि मौजूद थे।

Advertisement

खूब हुई थी कयासबाजी
गौरतलब है कि सर्वदलीय बैठक के दौरान भी महिला आरक्षण को लेकर चर्चा हुई थी। वहीं, कांग्रेस ने लोकसभा में मंगलवार को महिला आरक्षण विधेयक पेश करने और इसे सर्वसम्मति से पारित कराने की सत्ता पक्ष से मांग की थी। वहीं, कैबिनेट मीटिंग को लेकर खूब कयासबाजी चल रही थी। अनुमान लगाए जा रहे थे कि कैबिनेट मीटिंग में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा कर सकती है। वहीं, कुछ लोगों का ऐसा भी कहना कि वन नेशन, वन इलेक्शन पर बात होने की उम्मीद है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ही तरफ से महिला आरक्षण बिल को लेकर जोर दिया जा रहा था। इसलिए सबसे ज्यादा अनुमान इसी को लेकर था।

Advertisement

सोमवार को संसद के विशेष सत्र के संबोधन के दौरान भी पीएम मोदी ने इस बारे में संकेत दिए थे। उन्होंने कहा कि संसदीय इतिहास के प्रारंभ से अब तक दोनों सदनों में कुल मिलाकर लगभग 7500 सदस्यों ने प्रतिनिधित्व किया है जिनमें करीब 600 महिला सदस्य रही हैं। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे महिला सदस्यों की संख्या बढ़ती गयी है। माना जा रहा था कि यह महिला आरक्षण का संकेत है।

विपक्ष ने भी उठाई थी मांग
सदन में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उनकी नेता सोनिया गांधी के प्रयास से राज्यसभा में एक बार संबंधित विधेयक पारित हो चुका था, लेकिन अब समय आ गया है कि सत्ता पक्ष महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने संबंधित विधेयक इस सत्र में पेश करे और इसे मूर्त रूप देने में भूमिका निभाए। उन्होंने विपक्षी दलों को अपने विचार रखने के लिए भी एक दिन तय करने का अनुरोध किया। तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की सुप्रिया सुले ने भी देश की आधी आबादी के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने वाले विधेयक को मूर्त रूप देने की मांग सरकार से की।

Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button