छत्तीसगढ़

अधिकारियों समेत 15 कर्मचारी और जिला पंचायत के सीईओ निलंबित, होगी एफआईआर….

रायपुर – सदन में मरवाही वन मंडल में पुलिया और स्टॉपडेम निर्माण में अनियमितता का मामला गूंजा. सत्तापक्ष के विधायक गुलाब कमरो ने ध्यानाकर्षण के ज़रिए मामला उठाया, जिस पर पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने गड़बड़ी मानते हुए सदन में वन विभाग के 15 अधिकारी-कर्मचारियों के के साथ जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र ठाकुर के निलंबन की भी घोषणा की. दोषियों के विरुद्ध एफआईआर भी किया जाएगा, वहीं गड़बड़ी करने वाले एक तत्कालीन डीएफओ के ख़िलाफ़ कार्रवाई की अनुशंसा समन्वय में भेजी जाएगी।

मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि बिना काम किए राशि का आहरण कर लिया गया. इस मामले की शिकायत जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने की थी. इस शिकायत की जाँच के निर्देश दिए गए थे. प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी उजागर होने के बाद चार सदस्यीय जाँच कमेटी बनाई गई. जाँच कमेटी ने 33 कार्यों की जाँच की. जांच के बाद तथ्य सामने आए हैं, इसमें गंभीर अनियमितता सामने आई है. मरवाही वन मंडल के तत्कालीन डीएफओ राकेश मिश्रा समेत 15 अधिकारी-कर्मचारी दोषी पाए गए हैं. प्राक्कलन रिपोर्ट के पहले ही जिला पंचायत सीईओ ने राशि आहरण की स्वीकृति दे दी।

सिंहदेव ने बताया कि मनरेगा योजना के अंतर्गत वन मंडल मरवाही द्वारा चुकतीपानी, ठाड़पथरा, पकरिया, केंवची, पड़वनिया और तराईगांव में पुलिया और चेक डेम निर्माण के लिए कुल 33 कार्यों का बिना कार्य किए ही सामग्री की राशि आहरित करते हुए वित्तीय अनियमिता को लेकर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही कलेक्टर को जाँच के निर्देश दिए गए थे।

इनमें मरवाही वन मंडल के तत्कालीन प्रभारी वनमंडलाधिकारी राकेश कुमार मिश्रा (सेवानिवृत्त) के अलावा तत्कालीन उप उपवनमण्डलाधिकारी गौरेला केपी डिंडोरे, तत्कालीन वन परिक्षेत्र अधिकारी गौरेला गोपाल प्रसाद जांगड़े, तत्कालीन परिक्षेत्र सहायक गौरेला (वनपाल) अब्रीश दुबे, तत्कालीन परिक्षेत्र सहायक केंवची (वनपाल) अश्वनी कुमार दुबे, तत्कालीन परिक्षेत्र सहायक पिपरखुंटी (वनपाल) उदय तिवारी, सहायक तत्कालीन परिक्षेत्र सहायक पकरिया (वनपाल) अनूप कुमार मिश्रा, तत्कालीन प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी गौरेला राजकुमार शर्मा (सेवानिवृत्त उप वनक्षेत्रपाल मरवाही) शामिल हैं।

इनके अलावा तत्कालीन परिसर रक्षक चुकतीपानी (वन रक्षक) वीरेन्द्र साहू, तत्कालीन परिसर रक्षक ठाड़पथरा (वन रक्षक) दीपक कोसले, तत्कालीन परिसर रक्षक पड़वनिया (वन रक्षक) देवेन्द्र कश्यप, तत्कालीन परिसर रक्षक आमानाला (वन रक्षक) पन्नालाल जांगड़े, तत्कालीन परिसर रक्षक पकरिया (वन परिसर रक्षक) नवीन बंजारे, तत्कालीन परिसर रक्षक केंवची (वन रक्षक) लाल बहादुर कौशिक और तत्कालीन परिसर रक्षक ठेंगाडांड़ (वन रक्षक) नीतू ध्रुव शामिल हैं।

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