play-sharp-fill
छत्तीसगढ़

जिला अस्पताल में मनाया गया विश्व सिकलसेल दिवस..

Advertisement

बिलासपुर : विश्व सिकलसेल दिवस के अवसर पर आज जिला अस्पताल के सभाकक्ष में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन स्वास्थ्य विभाग और आदिवासी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम में नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, सीएमएचओ डाॅ. प्रभात श्रीवास्तव, सिविल सर्जन डाॅ. अनिल गुप्ता, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री सीएल जायसवाल, डीपीएम प्यूली मजूमदार सहित जिला अस्पताल के डाॅक्टर्स, अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
इस अवसर पर कमिश्नर श्री अमित कुमार ने स्क्रीनिंग किए गए हितग्राहियों को सिकलसेल कार्ड और दवाईयों का वितरण किया। इस कार्ड से उन्हे सिकलसेल रोग का समुचित इलाज और विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा।

Advertisement

उन्होेंने सिकलसेल रोग के लक्षण बताएं और लक्षण होने की स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जांच कराने का आग्रह किया। कमिश्नर ने इस संबंध में अधिक से अधिक प्रचार करने की बात कही, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगो को इस बीमारी के लक्षणों के बारे में पता हो। सिविल सर्जन डाॅ. गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष अब तक 2 हजार से ज्यादा लोगो की स्क्रीनिंग की गई जिसमें से लगभग 174 लोग संक्रमित पाए गए है, उनका इलाज किया जा रहा हैै।

Advertisement

वर्ष 2022-23 में 8 हजार 5 सौ 31 लोगो की स्क्रीनिंग की गई। वर्ष 2023-24 में 7 हजार 3 सौ 70 लोगो की स्क्रीनिंग की गई। इसके साथ ही जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में भी विश्व सिकलसेल दिवस मनाया गया जिसमें सिकलसेल की जांच कर जरूरतमंदो को कार्ड का वितरण किया गया। इस बीमारी के संबंध में लोगो को जागरूक भी किया गया।   

*क्या है सिकलसेल रोग-*
हीमोग्लोबिन हमारे शरीर में सभी कोशिकाओं तक पर्याप्त आॅक्सीजन पहुंचाने का कार्य करता हेै, लेकिन सिकलसेल रोग में यह काम बाधित हो जाता है। पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाले इस रोग में गोलाकार लाल रक्त कड़ हंसिये के रूप में परिवर्तित होकर नुकीले और कड़े हो जाते है ये रक्त कड़ शरीर की छोटी रक्त वाहिनी में फंस कर कई अंगो के रक्त प्रभाव को बाधित कर देते है।

*सिकल सेल रोग के लक्षण-*
सिकलसेल रोग में भूख न लगना, खून की कमी से एनीमिया, हल्का एवं दीर्घकालीन बुखार एवं थकावट, त्वचा एवं आंखो में पीलापन, बार-बार पेशाब आना, चिड़चिड़ापन, हाथ पैर में सूजन, सांस लेने मे तकलीफ, हड्डी एवं पसलियों में दर्द जैसे लक्षण शामिल है। यदि उक्त लक्षण है तो नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में निशुल्क जांच कराएं।

*परामर्श-*
पानी अधिक मात्रा में पिये, दैनिक आहार की आदतों में संशोधन करे, शांतचित रहे एवं आराम करे, अत्यधिक तापमान से बचे, संक्रमण से बचे, नियमित जांच कराएं, नियमित योग करे, विवाह पूर्व सभी को सिकलसेल जांच अनिवार्य रूप से कराना चाहिए। अधिक मात्रा में फाइबर एवं रेशेदार आहार ले, तेल एंव वसा युक्त खाद्य पदार्थो से परहेज करे। अधिक प्रोटीन वाले आहार ले एवं एंटीआॅक्सीडेंट युक्त आहार चुने।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button