छत्तीसगढ़बिलासपुर

अवैध ईट भट्ठा पर क्यों मेहरबान है खनिज विभाग..?

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(भूपेंद्र सिंह राठौर) :  जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायतों में अवैध रूप से ईट भट्‌ठे चल रहे हैं। इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हाने से अवैध भट्‌ठों की संख्या बढ़ती जा रही है। इससे पर्यावरण तो प्रदूषित हो ही रहा है। साथ ही राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।

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जिले में अवैध ईंट भट्ठों का कारोबार जमकर चल रहा है। इससे खनिज विभाग को हर महीने लाखों रुपए के राजस्व की हानि हो रही है।  अवैध ईंट भठ्ठो के संचालकों पर कार्रवाई नहीं होने से उनके हौसले बुलंद हैं। कुम्हार जाति को मिले छूट का लाभ रसूखदार लोग उठा रहें हैं।

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लाल ईंट का अवैध निर्माण कर मोटी कमाई करने में वे जुटे हुए हैं। खनिज विभाग के अनुसार जिले में गिनती के ईंट भट्ठा संचालकों द्वारा विभागीय औपचारिकताएं पूरी की गई है, जबकि ज्यादातर भट्ठे अवैध ढंग से संचालित हैं। शहरी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों ईंट भट्ठे का कारोबार बगैर विभागीय अनुमति व रायल्टी जमा किए धड़ल्ले से चल रहा है। इससे खनिज विभाग को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

सबसे ज्यादा अवैध ईट भट्ठा बेलतरा विधायक के गृह ग्राम पोंसरा से संचालित है। यही नही बिना पर्ची के यहां से ईंट शहर में बेची जा रही है,मगर इन्हें रोकने वाला यहां कोई नही है। वही यहां के ईंट भट्ठों पर न तो प्रशासनिक लगाम लग पा रहा है और न ही किसी तरह रायल्टी वसूली हो पा रही है। शासन-प्रशासन के नियम कायदे को ईंट भट्ठे के संचालकों ने ताक पर रख दिया है।

न तो वे विभाग से किसी तरह की अनुमति लेना जरुरी समझते है और न ही रायल्टी की राशि जमा करते है। खनिज विभाग की अनदेखी से ऐसे लोगों के खिलाफ़ कार्रवाई नहीं हो पा रही है।  जबकि लाल ईट बनाने वाले ईट भट्ठा संचालकों द्वारा कई जगह ईट भट्टे का निर्माण कर लाखों रूपयें की कमाई की जा रही है,इनके द्वारा पर्यावरण को भी प्रदूषित किया जा रहा है।

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