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वाड्रा के दस्तावेज बाढ़ में बह गए-बैंक मैनेजर ने बताया


(शशि कोन्हेर) : कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ रियल एस्टेट सौदे को लेकर जांच जारी है. लेकिन अब इस मामले में एक नया मोड़ आया है. इस मामले में बैंक प्रबंधन ने हरियाणा पुलिस एसआईटी को रिपोर्ट दी है, जिसमें बताया है कि बाढ़ में वाड्रा की कंपनी के कई अहम दस्तावेज बह गए हैं.

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बैंक ने बताया है कि बेसमेंट में बाढ़ के पानी से इस सौदे के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज नष्ट हो गए. इस मामले में हरियाणा पुलिस एसआईटी के डीजीपी पीके अग्रवाल ने इंडिया टुडे को बतााय कि एसआईटी ने बैंक से स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी और स्काईलाइट रियलिटी के अकाउंट्स में आए फंड का ब्योरा मांगा था. इसके जवाब में ही बैंक ने बताया था कि वाड्रा की कंपनियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बह गए हैं.

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उन्होंने बताया कि हमने बाढ़ की वजह से इस सौदे के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज खो जाने की परिस्थितियों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है. लेकिन बैंक ने 26 मई को जवाब दिया कि साल 2008 और 2012 के रिकॉर्ड बैंक शाखा के बेसमेंट में पानी भर जाने की वजह से नष्ट हो गए हैं.

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बता दें कि रॉबर्ट वाड्रा इन दोनों कंपनी के डायरेक्ट थे. इस मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम भी शामिल हैं. फिलहाल, जांच दल ने बैंक को नोटिस जारी कर पूछा है कि अन्य कंपनियों के दस्तावेज भी नष्ट हुए हैं या नहीं। साथ ही नई दिल्ली स्थित बैंक की न्यू फ्रैंड्स कॉलोनी ब्रांच को भी इन दोनों कंपनियों के दस्तावेज बर्बाद होने की जांच के लिए 20 जून को नोटिस जारी किया गया है।

बता दें कि 2018 में बीजेपी सरकार ने हरियाणा में एक जमीन खरीद मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और रॉबर्ट वाड्रा के अलावा डीएलएफ कंपनी, ओंकारेश्वर प्रॉपर्टी और स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी का नाम शामिल था. बाद में एसआईटी ने इस सौदे की जांच शुरू की. आरोप हैं कि रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने गुड़गांव के शिकोहपुर में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से फरवरी 2008 में 7.5 करोड़ रुपये में 3.5 एकड़ जमीन खरीदी थी.

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