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अतीक अहमद की हत्या में पुलिस की कोई गलती नहीं….यूपी सरकार का सुप्रीम कोर्ट के सामने बयान



(शशि कोन्हेर) : उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद की हत्या में पुलिस की कोई गलती नहीं है। अतीक अहमद और अशरफ अहमद को प्रयागराज के एक अस्पताल के बाहर पुलिस हिरासत के बावजूद गोली मार दी गई थी। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने कहा है कि 7 ऐसे एनकाउंटर की जांच की है गई है जिन्हें फर्जी कहा गया, इनमें पुलिस की ओर से कोई गलती नहीं पाई गई है, अतीक अहमद का मामला भी इनमें से एक है। इनमें अतीक अहमद, अशरफ अहमद, असद और जुलाई 2020 में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे की मौत से से जुड़े मामले शामिल हैं।

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सरकार ने यह भी दोहराया कि उसने अतीक अहमद की हत्या की जांच में कोई कसर नहीं छोड़ी है और कहा कि पुलिस पर लगाए गए आरोप झूठे हैं।सरकार की ओर से कहा गया,”याचिकाकर्ता ने जिन 7 मामलों को रखा है उनकी गहनता से जांच की गई है। यहां पुलिस की ओर से किसी तरह की गलती नहीं दिखाई देती है। याचिकाकर्ता बस अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग करके सुलझाए गए मुद्दों को फिर से उठाने की कोशिश कर रहा है।”

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यह हलफनामा राज्य सरकार द्वारा वकील रुचिरा गोयल के माध्यम से उन दो याचिकाओं के जवाब में दायर किया गया था, जिन पर सुप्रीम कोर्ट प्रयागराज के एक अस्पताल के बाहर अतीक अहमद की हत्या के संबंध में सुनवाई कर रहा है।

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अतीक अहमद के मामले में सरकार ने बताया कि आपराधिक मुकदमा चल रहा है और आरोप तय करने पर प्रारंभिक सुनवाई के चरण में है. कोर्ट को बताया गया कि अगली सुनवाई 3 अक्टूबर (सोमवार) को होनी है।अतीक अहमद के मामले में सरकार ने बताया कि आपराधिक मुकदमा चल रहा है और आरोप तय करने पर प्रारंभिक सुनवाई के चरण में है. कोर्ट को बताया गया कि अगली सुनवाई 3 अक्टूबर (सोमवार) को होनी है।


अतीक अहमद हत्याकांड मामले की रिटायर्ड जस्टिस दिलीप बाबासाहेब भोंसले की अध्यक्षता में जांच की जा रही है। पांच सदस्यीय आयोग की 23 बैठकें हो चुकी हैं। सरकार ने कहा कि आयोग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जनता, मीडिया, सरकार और अन्य संगठनों से सुझाव भी आमंत्रित किए हैं। मुठभेड़ की घटनाओं के बड़े मुद्दे पर हलफनामे में कहा गया, “2017 के बाद से अब तक हुई सभी पुलिस मुठभेड़ की घटनाओं में मारे गए अपराधियों से जुड़ी हुई जानकारी हर महीने जमा की जाती है और इसकी जांच होती है।”

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