जांजगीर-चाम्पा

सिवनी के प्रथम निर्वाचित सरपंच धर्मदत्त पांडे की 59 वी पुण्यतिथि के अवसर पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन…..

(हेमन्त पटेल) : जांजगीर चांपा जिला के सिवनी गांव के प्रथम निर्वाचित सरपंच धर्मदत्त पांडे की 59 वी पुण्यतिथि के अवसर पर खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया,कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग के सदस्य शशि कांता राठौर ने शिरकत की ,कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग युवक युवतियों को ट्राई साइकल का वितरण किया गया।

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सिवनी गांव के प्रथम सरपंच पंडित धर्म दत्त को गांव के लोग आज भी उन्हें याद किया जाता है ,,, स्व धर्म दत्त का जन्म सिवनी गांव में 1908 में जन्म हुआ और 1963 में निधन हुआ,इस दौरान धर्म दत्त पांडे सिवनी गांव के प्रथम निर्वाचित सरपंच हुए ,जिन्होंने अपने कार्यकाल में गांव के विकास के साथ साथ न्याय प्रियता के कारण लोगो के चहेता बने रहे।

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छुआछूत और ऊंच नीच की भावना से ऊपर उठा कर लोगो का किया सम्मान

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स्व धर्म दत्त पांडे की पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी परस शर्मा ने अपने उदबोधन में बताया कि जिस समय देश में ऊंच नीच की भावना गांव गांव में पनप रहा था उस समय पंडित धर्म दत्त जी की न्याय प्रियता और गांव में आपसी भाई चारा का डंका अविभाजित मध्यप्रदेश में फैला हुआ था ,उन्होंगाव और सभी समाज को एकता के सूत्र में बांधा,और इस गांव में उनके रहते तक किसी तरह के अपराधिक प्रकरण थाना में दर्ज नहीं हुआ ,यही वजह है कि आज भी उन्हें उनके जाने के 59 साल बाद भी उतने ही शिद्दत से याद किया जाता है और आगे भी इस परंपरा को जारी रखा जाने के संकल्पित है,,

धर्म दत्त पांडे जी 1952 से 1963 तक रहे सरपंच,

पूर्व सरपंच सनत पांडे ने बताया कि धर्म दत्त पांडे जी का काम आज भी सिवनी गांव के लोगो के लिए अहम भूमिका बनी है ,उन्होंने सामाजिक व्यवस्था के रूप में सबसे बड़ा काम कृषि के क्षेत्र में किया ,और गांव के प्रमुख होने के नाते उन्होंने पंचायत के अलावा अलग निकगरानी कमेटी तैयार की थी ,जो गांव के सभी व्यवस्था पर निगरानी रखती थी ,जिसके कारण उनका न्याय पर पूरे गांव को भरोसा होता था और पक्ष विपक्ष दोनो उनके निर्णय का समान करते थे,सिवनी गांव में खेती किसानी के लिए विशेष इंतजाम किया जाता रहा और उस समय न तो किसी के खेत से पेड़ का एक डगाल काट सकता था और न है मवेशियों को आवारा छोड़ा जाता था,,गांव की पूरी व्यवस्था को सर्व सम्मति से बनाया जाता और किसी के द्वारा गड़बड़ी करने पर तत्काल उसका निराकरण किया जाता था,जो अब पंचायत और पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन के दबाव के बाद भी चोरी,लूट,असामाजिक कार्य को रोका नहीं जा सकता ,उसको धर्म दत्त पांडे ने सहजता से करते हुए गांव का कीर्ति बढ़ाया ,जिसके कारण आज भी हर वर्ष गांव के लोग श्रद्धा के साथ याद करते है।

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