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अभी खत्‍म नहीं हुई महामारी, स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से की सतर्कता बरतने की अपील, राज्‍यों को दिए निर्देश…..

नई दिल्‍ली – कुछ राज्यों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को कहा कि अभी महामारी खत्म नहीं हुई है और सतर्क रहने एवं कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करते रहना जरूरी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से निगरानी बढ़ाने और नए वैरिएंट का पता लगाने के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग पर ध्यान देने की अपील भी की।

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स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मांडविया ‘हर घर दस्तक 2.0’ अभियान के तहत टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा के लिए राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिये हुई बैठक में उक्त बातें कहीं। कुछ राज्यों और जिलों में संक्रमण दर में वृद्धि और जांच में कमी का उल्लेख करते हुए मांडविया ने कहा कि समय से और अधिक संख्या में जांच करने से संक्रमितों की जल्द पहचान हो सकेगी।

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इससे देश में संक्रमण के प्रसार की गति को भी नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी। पांच सूत्रीय रणनीति पर जोर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जांच, पहचान, उपचार, टीकाकरण और कोविन से बचाव संबंधित उपायों पर अमल की पांच सूत्रीय रणनीति को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने दूसरे देशों से आने वाले यात्रियों पर निगरानी संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करने को भी कहा।

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बच्चों व बुजुर्गों पर विशेष ध्यान पर जोर उन्होंने कहा कि 12-17 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों को पहली और दूसरी डोज देने की गति बढ़ानी जरूरी है, ताकि वैक्सीन की सुरक्षा के साथ बच्चे स्कूल जा सकें। हर घर दस्तक अभियान के तहत उन्होंने 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को भी प्राथमिकता के आधार पर सतर्कता डोज लगाने पर जोर दिया।

वहीं विशेषज्ञों ने कहा, मास्क और बूस्टर डोज जरूरी कोरोना के बढ़ते मामलों को न्यू नार्मल बताते हुए विशेषज्ञों ने मास्क पहनने, बूस्टर यानी सतर्कता डोज लगवाने और कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करते रहने पर जोर दिया। दिल्ली एम्स में संचारी रोग विभाग में सहायक प्रोफेसर डा. हर्शल आर साल्वे ने कहा कि मामले ओमिक्रोन के नए सब वैरिएंट के चलते बढ़ रहे हैं, लेकिन लक्षण गंभीर नहीं हैं और ज्यादातर लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ रही है।

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