राजनांदगांव

मुख्यमंत्री की घोषणाओं का असर दिखने लगा धरातल पर, कई नेताओं ने किया कांग्रेस प्रवेश…..


(उदय मिश्रा) : राजनांदगांव/खैरागढ़ – मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा जारी घोषणा पत्र में खैरागढ़ को जिला बनाने के साथ ही विधानसभा क्षेत्र के बड़े ग्रामों छुईखदान, गंडई, सालहेवारा, जालबांधा, पैलीमेटा, बाजार अतरिया, ठाकुरटोला, मोहगांव तथा धार्मिक व पूजा स्थलों के आसपास रहने वालों के मध्य घोषणा पत्र को देखते हुए मतदाताओं का रूझान पार्टी प्रत्याशी यशोदा निलाम्बर वर्मा के पक्ष में माहौल बनते दिख रहा है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम विधानसभा क्षेत्र के गहन नक्सल प्रभावित आदिवासी वन बाहुल्य साल्हेवारा क्षेत्र के खादी इत्यादि ग्रामों में पहुंचकर मतदाताओं से सीधे संपर्क कर रहे हैं। कांग्रेस की रीति-नीति व मुख्यमंत्री की घोषणाओं से प्रभावित क्षेत्र के जोगी कांग्रेस व भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोग भी कांग्रेस प्रवेश कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में स्व. राजा देवव्रत सिंह के साथ प्रारंभ से राजनीति में सक्रिय रहने वाले गंडई के वरिष्ठ कांग्रेस नेता विनोद ताम्रकार व उनके कुछ समर्थकों ने आज मोहन मरकाम के साथ लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। आयोजित सभाओं को संबोंधित कर रहे हैं।

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वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी कोमल जंघेल को जिताने के लिए पूर्व मंत्री भाजपा नेता केदार यादव अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष एम डी ठाकुर व बड़ी संख्या में पार्टीजन साल्हेवारा में बैठकें ले रहे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस  नेता रानी सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष विवेक वासनिक के नेतृतव में भी आज कांग्रेसजन खैरागढ़ स्थित चुनाव कार्यालय पहुंचकर वहां से वे प्रचार प्रसार के लिए निकले हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरूण सिसोदिया, रज्जाक खान, सुरेन्द्र शर्मा अध्यक्ष कृषि विकास आयोग, राम कुमार यादव विधायक चंन्द्रपुर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, विवेक वासनिक, के साथ छुईखदान बाजार में आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित किये।

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खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव निश्चित तौर पर सत्ता पक्ष कांग्रेस व विपक्ष भारतीय जनता पार्टी के लिए  सर्वाधिक प्रतिष्ठापूर्ण है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खैरागढ़ को जिला बनाने सहित जितनी भी घोषाणाएं 29 बिन्दुओं में की है। विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश बड़े गांव व आदिवासी वन बाहुल्य नक्सल प्रभावित क्षेत्र को भी छू रहे हैें। उनकी घोषणाओं की चर्चा मतदाता स्वस्फूर्त कर रहा है। पार्टीजनों ने अपने प्रचार प्रसार में मतदाताओं को घोषणा पत्र की जानकारी व्यक्तिगत मिलकर दी तो यह विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस की जीत का मार्ग प्रसस्त कर सकता है वहीं पूर्व प्रत्याशी गिरवर जंघेल की  हार की भरपाई भी कर सकता है। ऐसी चर्चाएं सत्तापक्ष में कम विपक्ष में ज्यादा दबे स्वर में होने लगी है। 

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