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तो क्या नैनीताल का दीदार करने आये थे Aliens….! आसमान में देखा गया UFO

नासा व अन्य स्पेस ऐजेंसियों की लेटस्ट साइंस रिचर्च ने आज की तारीख में यह मान लिया है कि हमारी आकाश गंगा जैसी हजारों आकाश गंगा इस विशालकाय अंतरिक्ष में हैं। यही नहीं, अब वैज्ञानिक यह भी कह रहे हैं कि बहुत संभव है कि आने वाले कुछ सालों में पृथ्वीवासी परग्रही जीव यानी एलियंस से संपर्क स्थापित करने में सफल हो जायेंगे। इन्हीं सब चर्चाओं के बीच गत दिवस नैनीताल के आसमान में एक यूएफओ देखा जाना कौतुहल का विषय बना हुआ है।

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Aliens और UFO के अस्तित्व को लेकर आज पूरे विश्व में बहुत अधिक चर्चा होती है। ज्ञात रहे कि एलियंस की तलाश में नासा लगातार लगा हुआ है। नासा के Spirit Rover और Curiosity Rover वर्तमान में कई सालों से मंगल की ​न केवल जांच कर रहे हैं, बल्कि जीवन की संभावनाओं को भी तलाश रहे हैं। हाल में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के James Webb Space Telescope द्वारा खीचीं गई ब्रह्मांड की तस्वीर ने भी यह प्रमाणित कर दिया है कि आकाश गंगा में कई गैलेक्सी हैं।

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इसमें कई बेहद पुरानी और धुंधली गैलेक्सी भी शामिल हैं। इस तस्वीर में बिग बैंग के बाद बनने वाली तमाम गैलेक्सी दिख रही हैं। यानी वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि इस ब्रह्मांड में हम अकेले ही नहीं हैं, हम जैसे जीव किसी न किसी रूप में कई अनदेखे ग्रहों में रहते हैं, इसकी पूरी संभावना है।

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जहां तक यूएफओ को देखे जाने की बात हैं तो विश्व में हजारों लोगों ने यूएफओ और एलियन को देखने का दावा भी किया है। यही कारण है कि हर साल दुनिया में 2 जुलाई को विश्व यूएफओ दिवस (World UFO Day) भी मनाया जाता है। इन्हीं सभी चर्चाओं के बीच नैनीताल में दिखी उड़न तश्तरी भी कौतूहल का विषय बनी है। स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्होंने आसमान में कुछ सेकेंड के लिए UFO को देखा है।

हालांकि आकाशगंगा समेत सौर मंडल पर अध्ययन करने वाली संस्था एरीज यानी आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान के वैज्ञानिक इस तथ्य को नकारते हुए कहते हैं कि उनके किसी भी संयंत्र में यूएफओ की उपस्थिति दर्ज नहीं हुई है। इसके बावजूद अमेरिका व चीन के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का पूर्व से ही यह कहना है कि यदि कहीं यूएफओ का अस्तित्व है, तो इसका अर्थ साफ है कि ऐलियंस की तकनीक हमसे बहुत आगे होगी। यदि किसी ग्रह से ऐलियंस धरती तक विमान पर बैठकर आ रहे हैं कि तो वह विमान इतनी उन्नत तकनीक का होगा कि किसी भी रडार या संयंत्र पर उसकी मौजूदगी को पृथवी का कोई वैज्ञानिक दर्ज नहीं कर पायेगा।

बता दें कि बुधवार को नगर के आसमान में धूप के बीच दोपहर करीब 4 बजकर 40 मिनट पर यह अज्ञात रहस्यमयी वस्तु यूएफओ सर्वप्रथम दीपेश बिष्ट नाम के एक बच्चे ने देखी। जिसकी सूचना पर अन्य सैकड़ों लोगों ने भी इसको देखा। वैज्ञानिक चाहे जो कहें, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा हैं कि उन्होंन आकाश में यूएफओ देखा है। लोगों का कहना है कि आज जहां पूरे विश्व में यूएफओ और एलियंस के देखे जाने के दावे किये जा रहे हैं तो नैनीताल के आकाश में देखा जाना आश्चर्य की बात नहीं है।

ज्ञात रहे कि इससे पूर्व यूएस नेवी ने भी एलियंस को न केवल देखा था, बल्कि उसके कई वीडियो भी जारी किये थे। साल 2020 में भी अमेरिकी रक्षा विभाग ने यूएफओ जैसी दिखने वाली चीजों के 03 वीडियो जारी किये थे, जो अब तक यूएफओ देखे जाने के दावों में सबसे पुख्ता प्रमाण माने जाते हैं।

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