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दिल्ली के हनुमान मंदिर से फिर शुरू होगी राहुल गांधी की Bharat Jodo Yatra

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(शशि कोन्हेर) : नई दिल्ली :  कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी  की भारत जोड़ो यात्रा 9 दिनों के ब्रेक के बाद आज फिर शुरू होगी। भारत जोड़ो यात्रा दिल्ली से शुरू होगी और हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के रास्ते जम्मू-कश्मीर की ओर बढ़ेगी। श्रीनगर में लाल चौक पर 30 जनवरी को राहुल गांधी तिरंगा फहराएंगे। जम्मू-कश्मीर में इस यात्रा में फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती भी इसमें शामिल होंगे।

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हनुमान मंदिर से शुरू होगी Bharat Jodo Yatra
भारत जोड़ो यात्रा राजधानी के लालकिले के पास हनुमान मंदिर से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में प्रवेश करेगी। यात्रा सुबह 10 बजे मंदिर से निकल कर लोहे वाला पुल, शास्त्री पार्क, गांधी नगर, धर्मपुरा, सीलमपुर, एसडीएम कोर्ट चौक, जाफराबाद, मौजपुर, दयालपुर पुलिस स्टेशन, गोकलपुरी चौक होते हुए लोनी बार्डर से गाजियाबाद में प्रवेश करेगी। दोपहर 12 बजे लोनी नगर ट्रांसपोर्ट डिपो में यात्रा के झंडे को उत्तर प्रदेश के कांग्रेसियों को सौंपा जाएगा।

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दंगा प्रभावित क्षेत्रों से होकर गुजरेगी यात्रा
राहुल गांधी की यह यात्रा नार्थ-ईस्ट इलाके के दंगा प्रभावित क्षेत्रों से होते हुए यूपी में जाएगी। 2020 में यहां दंगे हुए थे। यात्रा को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी भी जारी की है। दिल्ली के अलावा यूपी पुलिस ने भी एडवाइजरी जारी की है। यात्रा को लेकर पोस्टर भी लगाए गए हैं।

कई हस्तियां होंगी शामिल
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और संचार महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी को अखिलेश यादव की लिखी गई चिट्ठी का भाव सकारात्मक है।

जहां तक विपक्षी नेताओं के यात्रा में आने की बात है तो समान विचाराधारा वाले कई दलों के नेता ही नहीं अलग-अलग क्षेत्र की हस्तियां इसमें शामिल होंगी। जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्री नेशनल कान्फ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने यात्रा में शामिल होने की पुष्टि कर दी है।

सात सितंबर को शुरू हुई थी यात्रा
कन्याकुमारी के गांधी मंडपम से सात सितंबर को शुरू हुई भारत जोड़ो यात्रा 24 दिसंबर को दिल्ली पहुंचने तक 108 दिनों में 3,122 किमी की दूरी तय कर चुकी है। इस दौरान नौ राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 49 जिलों से गुजरते हुए राहुल ने 95 कार्नर मीटिंग, 10 बड़ी रैलियों के साथ 10 प्रेस कॉन्फ्रेंस की है।

साथ ही 20-25 लोगों के अलग-अलग समूह के साथ अब तक 87 संवाद बैठकें इस दौरान की हैं, जबकि चार-पांच लोगों के 200 से अधिक समूहों की यात्रा में भागीदारी हुई जिसमें चर्चित हस्तियां, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता से लेकर पूर्व सैनिक आदि शामिल हैं।

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