छत्तीसगढ़

प्रियंका ने संबोधन में अडानी-मोदी को दूर रखा,राज्य सरकार की गिनायी खूबियां

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(शशि कोन्हेर) : रायपुर। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का जगदलपुर में भरोसे के सम्मेलन को संबोधित करना केवल कांग्रेसियों को ही नहीं बल्कि आम लोगों को भी पसंद आया। इसलिए कि पूरे संबोधन के दौरान उन्होने अडानी-मोदी या विपक्ष जैसे विषयों को लेकर राष्ट्रीय मसले पर कुछ नहीं कहा,एक प्रकार से दूरी बनाकर रखा। उनके परिवार का बस्तर के प्रति प्रेम और यहां के लोगों का उन पर भरोसा को मुख्य रूप से इंगित किया।

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वही राज्य सरकार व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा किए जा रहे कामकाजों का जिक्र करते हुए कहा कि किस प्रकार उसका लाभ लेकर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के लोग विकास की ओर आगे बढ़ रहे हैं। जिससे आज बस्तर की एक ब्रांड इमेज बन चुकी है। राज्य बनने के बाद पन्द्रह सालों में पूर्व सरकार ने क्या किया और कांग्रेस की सरकार ने चार साल में क्या किया। ये जरूर तुलना करते हुए जनता से पुन:भरोसा मांगा।

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लगभग 20 मिनट के अपने भाषण में उन्होने कोई लिखा हुआ भाषण भी नहीं पढ़ा और किसी जगह ठिठके भी नहीं। अपनी दादी इंदिरा गांधी का जिक्र करके उन्होने भावनात्मक रूप से भी लोगों को जोडऩे का प्रयास किया। सहज ढंग से संबोधन के दौरान उनकी शैली और गले में पहने पुतरी(छत्तीसगढ़ी जेवर)उन्होने वापसी तक नहीं उतारा।

इस बीच वहां लगे स्टालों में जब वे निरीक्षण के लिए पहुंची तो भी लोगों से काफी आत्मीयता से मिलीं। समापन से पहले जब कुछ योजनाओं चेक का वितरण किया तो महिलाओं को स्वंय होकर बताया कि कैसे फोटो सेशन करना है इसके लिए वे समझाते भी दिखे। सियासी आरोप-प्रत्यारोप से सीधे तौर पर उन्होने परहेज किया ये सबसे अच्छी बात रही और लोगों को यही पसंद आया।

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