बिलासपुर

विश्वकर्मा जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू की, विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – 17 सितंबर विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना लॉन्च की हैं। इस योजना से 18 व्यवसायों से जुड़े लोगों को फायदा होगा। इसके लिए 13 हजार करोड़ का आउटले फंड बनाया जाएगा। बिलासपुर में भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये इस योजना से लोग जुड़े।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर 17 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर, द्वारका, नई दिल्ली में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर “पीएम विश्वकर्मा” नाम से एक नई योजना लॉन्च किया।

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इस अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के नार्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट ऑडिटोरियम में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम केंद्रीय राज्यमंत्री इस्पात एवं ग्रामीण विकास फग्गन सिंह कुलस्ते मुख्य आतिथ्य के रूप में शामिल हुए। वही इस कार्यक्रम में संसदीय सचिव रश्मि सिह,विधायक धरमलाल कौशिक,रजनीश सिह,शैलेश पांडेय,कृष्ण मूर्ति बॉधी समेत बिलासपुर कलेक्टर संजीव झा और डीआरएम प्रवीण पांडेय भी उपस्थित रहे।विश्वकर्मा योजना की लॉन्चिंग के मौके पर देश के चुने गए 70 स्थानों पर 70 मंत्री मौजूद रहे। केंद्रीय राज्यमंत्री इस्पात एवं ग्रामीण विकास फग्गन सिंह कुलस्ते सम्बंधित करते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा या अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले विश्वकर्माओं द्वारा पारंपरिक कौशल के परिवार-आधारित अभ्यास को मजबूत और पोषित करना है।

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वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पीएम मोदी ने सभी को सम्बोधित किया उन्होंने कहा कि कामगारों से
हमारी जिंदगी में लोहार, दर्जी, जूते वालों की अहमियत कभी खत्म नहीं हो सकती है। आज भी हम मटके और सुराही का पानी पीना पसंद करते हैं। टेक्नोलॉजी कहीं भी पहुंच जाए, इनकी अहमियत हमेशा रहेगी। हमारी सरकार विश्वकर्मा भाइयों का सम्मान और सामर्थ्य बढ़ाने के लिए सहयोगी बनकर सामने आई है।विश्वकर्मा साथियों के लिए ट्रेनिंग-टूल्स बहुत जरूरी है। ट्रेनिंग के दौरान भी आपको रोज 500 रुपए भत्ता सरकार की तरफ से दिया जाएगा। टूलकिट के लिए 15 हजार का वाउचर भी मिलेगा।

इन 18 व्यवसायों कारपेंटर (बढ़ई),नाव बनाने वाले,अस्त्र बनाने वाले, लोहार,ताला बनाने वाले (मरम्मतकार), हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, सुनार,कुम्हार, मूर्तिकार,मोची,राज मिस्त्री, टोकरी, चटाई, झाड़ू बनाने वाले,पारंपरिक गुड़िया और खिलौने बनाने वाले,नाई,मालाकार,धोबी,दर्जी और मछली का जाल बनाने वाले लोगों को फायदा होगा।

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