छत्तीसगढ़

कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत की पहल पर सरईकिरचा और चोरकीपानी के स्कूली बच्चों को जल्द मिलेगी नए भवन की सौगात, भवन निर्माण के आदेश जारी

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कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत की पहल पर सरईकिरचा और चोरकीपानी के नवीन स्कूल भवन निर्माण कार्य को मंज़ूरी मिल गई। इस संबंध में नवीन भवन निर्माण हेतु आदेश जारी कर दिया गया है। इस संबंध में क्षेत्रवासियों से मंत्री अमरजीत भगत को स्कूल भवन संबंधी समस्याओं का पता चला और जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल सरगुजा कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा से बात की। उन्होंने सरगुजा जिला कलेक्टर को दोनों स्कूलो के भवन की समस्या का जल्द से जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए। जिस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए सरगुजा कलेक्टर ने मैनपाट जनपद अंतर्गत सरभंजा के प्राथमिक शाला सरईकिरचा और पेंट के माध्यमिक शाला चोरकीपानी लिए नए भवनों कर लिए राशि स्वीकृत की है।
इस भवन के बन जाने से बहुत जल्द इस क्षेत्र के स्कूली बच्चे अपने नए भवन में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। दरअसल मीडिया के माध्यम से खाद्य मंत्री अमरजीत भगत को जानकारी मिली कि मैनपाट इलाके के कुछ स्कूली भवन है। जिनके जर्जर होने के कारण बच्चो को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बैठाकर पढ़ाई कराया जा रहा है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पूर्व में इन स्कूलों के लिए राशि भी स्वीकृत की गई थी, मगर अधूरे निर्माण के कारण भवन पूरे नही हो सके थे। ऐसे में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के निर्देश पर कलेक्टर संजीव झा ने सर्व शिक्षा अभियान के निर्माण मद से स्वीकृत राशि का उपयोग कर जल्द से जल्द बेहतर भवन का निर्माण कराने का निर्देश सर्व शिक्षा अभियान के डीएमसी संजय सिंह को निर्देश दिये है। कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत के निर्देशानुसार जिला कलेक्टर ने भवन निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो सके।
इसके निर्माण कार्य हेतु एजेंसी संबंधित शाला प्रबंध समिति बनाई गई है साथ ही इस निर्माण कार्य को सम्पादित करने के लिए कई शर्ते भी लागू की गई है। इन नियम व शर्तों के मुताबिक प्रमुख निर्माण कार्य की प्रगति प्रत्येक माह की 5 एवं 20 तारीख को जिला कार्यालय को प्रेषित की जाएगी। साथ ही निर्माण कार्य की प्रगति संतोषजनक न होने की स्थिति में निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। उक्त निर्माण कार्य में तकनीक/वित्तीय स्वीकृति से अधिक व्यय एवं ठेकेदारी प्रथा से कार्य प्रतिबंधित है। कोई भी छुपने वाला कार्य जैसे कांक्रीट ढुलाई आदि से संबंधित कार्य राजीव गांधी मिशन के उप-अभियंता या सहायक अभियंता की उपस्थिति में ही करवाने के निर्देश दिए गए। इस प्रकार के कार्य बिना अनुमति किये जाने पर कार्य को दुबारा करवाना अनिवार्य होगा। कार्य का तकनीकी मार्गदर्शन, समय पर मूल्यांकन, सत्यापन आदि की जिम्मेदारी ग्रामीण सेवा यांत्रिकी विभाग की होगी। प्राक्कलन में दिए गए मानक के अनुसार कार्य न होने पर वसूली की कार्यवाही का भी प्रावधान किया गया है।

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