बिलासपुर

18 साल बाद अपोलो को नोटिस, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की मौत से जुड़ा हैं मामला….

(दिलीप जगवानी/राजा खान) : बिलासपुर – सीेएमएचओ डॉ.प्रमोद तिवारी ने अपोलो अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर डॉ विक्रमादित्य से जुड़ी जानकारी मांगी है जिसमे उनकी नियुक्ति का आधार, बिलासपुर अपोलो अस्पताल मे कार्यकाल और उनके द्वारा ईलाज करने वाले मरीजों का ब्यौरा देने कहा है।

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डॉ. विक्रमादित्य

दिवंगत पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद के बेटे प्रो. प्रदीप शुक्ल का बयान सामने आने और मामले मे कांग्रेस की दखलंदाजी के बाद सीेएमएचओ डॉ.प्रमोद तिवारी ने अपोलो प्रबंधन को नोटिस जारी किया है।

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दिवंगत पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल

नोटिस मिलने के बाद प्रबंधन पुराना रिकॉर्ड तलाश करने जुट गया है उसका कहना है उनके यहां डॉक्टर की नियुक्ति, उसकी डिग्रियां सहित अन्य दस्तावेज जिला स्वास्थ्य विभाग को समय पर दिए जाएंगे। साथ ही पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सहित कई लोगों की मौत के मामले में डॉक्टर के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई थी। नोटिस मे यह भी पूछा है।

डॉ. प्रमोद तिवारी (CMHO, बिलासपुर)

लगभग 18 साल से ज्यादा समय पुराना मामला तब भी उतना ही गंभीर था जितना आज दमोह से उजागर हुआ है। तत्कालीन बिलासपुर महापौर अशोक पिंगले की ईलाज के दौरान मौत हो गई थी उस वक्त अपोलो अस्पताल के डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगा था और प्रबंधन सकते मे आ गया था।

देवेश गोपाल (जनसंपर्क अधिकारी, अपोलो बिलासपुर)

लेकिन राजनैतिक संरक्षण के चलते प्रबंधन अपना बचाव करने मे सफल रहा। इस बार अपोलो अस्पताल पर केवल ईलाज मे ही नही बल्कि अयोग्य डाक्टर को कार्डियोलॉजिस्ट बताकर अपने यहां काम पर रखने के आरोप लगे है।

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