छत्तीसगढ़

विधानसभा में मंत्री रविंद्र चौबे ने किया ऐलान, पोहा पर घटेगा टैक्स….

विधानसभा बजट सत्र के छठवें दिन कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने सदन में घोषणा की है। छत्तीसगढ़ में पोहा पर मंडी टैक्स घटेगा। धान पर मंडी शुल्क पाँच फ़ीसदी लिए जाने के मसले पर ध्यानाकर्षण प्रस्तुत किया गया था। विपक्ष ने छत्तीसगढ़ की कृषि मंडी में धान पर मंडी शुल्क पाँच फ़ीसदी को अत्यधिक बताते हुए ध्यानाकर्षण प्रस्तुत कर इसे पूर्ववत किए जाने की माँग रखी थी। भाजपा शासनकाल में यह मंडी शुल्क एक फ़ीसदी था। कुछ देर इस विषय पर बहस के बाद मंत्री रविंद्र चौबे ने सदन में घोषणा की -“पोहा को लेकर मंडी टैक्स कम होगा.. और आदेश इसी वित्तीय सत्र में जारी होगा” विदित हो छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक पोहा मिलें हैं।

विधानसभा बजट सत्र के छठवें दिन 14580 शिक्षकों की भर्ती का मामला प्रश्नकाल में उठा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के सवाल पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया, प्रदेश में चल रही 14 हजार 580 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अभी भी जारी है। इनमें से केवल 7 हजार 571 शिक्षकों की भर्ती पूरी हुई है। 7 हजार 9 लोगों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। एक सवाल के जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा, कोरोना आदि की वजह से दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया प्रभावित हुई थी।

विधानसभा में शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम 14580 शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर पूछे सवाल पर घिर गये। विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा कि शिक्षकों की भर्ती नहीं हो पा रही, सरकार तीन साल से कहा रही है कि आवेदनों का सत्यापन हो रहा है। आखिर कब तक सत्यापन चलेगा? इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह ने बताया कोरोना काल के कारण सत्यापन में समय लग रहा है। अजय चंद्राकर ने पूछा कि कि सत्यापन कब तक हो पाएगा और कब तक उन्हें नियुक्ति पत्र मिल जाएगा। सत्यपान के नियमों और भर्ती कब तक हो पाएगी।

कई सवालों का जवाब जब स्कूल शिक्षा मंत्री नहीं दे पाए तो स्पीकर चरणदास महंत ने कहा कि मंत्रियों को तैयारी करके आना चाहिए। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने शिक्षकों की भर्ती में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में इसी भर्ती और पोस्टिंग मामले में दो शिक्षकों को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भर्ती में देरी के पीछे भ्रष्टाचार है। अजय चंद्राकर ने कहा कि वो जो भी सवाल पूछ रहे हैं कि उसका जवाब मंत्रीजी नहीं दे रहे हैं। अजय चंद्राकर ने सत्यापन में हो रही देरी पर सवाल पूछा और कहा कि एक दिन में कितना सत्यापन होता है, जिसकी वजह से इतनी देरी हो रही है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज टेबलेट का मामला उठा। विधायक लखेश्वर बघेल ने जांच की मांग की। विधायक की मांग पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने जांच की घोषणा की। विधानसभा बजट सत्र के छठवें दिन कांग्रेस विधायक ने ही स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम को घेर लिया। मुद्दा स्कूलों के लिए खरीदे गए टैबलेट का था। सामने आया कि इन टैबलेट में से 95% खराब हैं। सवालों से घिरे स्कूल शिक्षा मंत्री ने गड़बड़ी की बात स्वीकार की।

उसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने विधानसभा की समिति से जांच कराने की घोषणा की है। बस्तर से कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने प्रश्नकाल में यह सवाल उठाया। उनके सवाल पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया, बस्तर विधानसभा क्षेत्र के 643 स्कूलों में बायोमेट्रिक टैबलेट दिए गए थे। 2017 से 2022 तक इसमें 141 लाख रुपए व्यय किए गए हैं। इन स्कूलों में जो टैबलेट दिया गया है, उनमें से केवल 7 का ही उपयोग हो रहा है। शेष 636 टैबलेट खराब हो चुके हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया, तीन साल में खराब होने पर फ्री में रिपेयर की शर्त थी, लेकिन ऐसा कराया नहीं जा सका

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