प्रचंड आरंभ हो….गायक कम्पोजर थिएटर आर्टिस्ट पीयूष मिश्रा बिलासपुर आये, जानिए क्या कहा

(दिलीप जगवानी) : बिलासपुर – रंगमंच के कलाकर और बहुमुखी प्रतिभा के धनी प्रख्यात बॉलीवुड अभिनेता पीयूष मिश्रा बिलासपुर पहुंचे यहां उन्होंने एक ओपन टॉक शो में कहा कि एक्टिंग की उम्र बहुत ज्यादा है अभिनय कला सदियों पुरानी है इस पर भरत मुनि ने पूरा नाट्यशास्त्र लिख डाला है जिसको संगीत गायन वादन नृत्य अभिनय मिलकर संपूर्ण करते हैं यह पूरे विश्व में फैला है ग्रीक रोमन थिएटर भी तब मनोरंजन का समृद्ध मध्य रहा महान शासको का जीवन कला संस्कृति में थिएटर की भूमिका रही है।
सिम्स ऑडिटोरियम में चल रहे अग्रज नाट्य दल के नाट्य समारोह मे आये पीयूष मिश्रा ने दर्शकों के सवालों का अपने बेबाक शैली में जवाब दिया। स्ट्रगल और काम को लेकर उनका नजरिया बिलकुल साफ है। कहा उन्होंने जवानी कि दहलीज पर कदम रखते ही थिएटर करने ग्वालियर छोड़ दिया था । जो काम मिला वो किया केवल रंगमंच को लक्ष्य बनाया। पीयूष मिश्रा ने बॉलीवुड के एक बेहद फेमस राइटर डायरेक्टर का नाम लेकर कहा वे किसी फ़िल्म से जुड़ते ही सारा काम हथिया लेते है. मसलन स्क्रीन प्ले म्यूजिक डायरेक्शन वैगरह वैगरह वो सब करने का माद्दा रखते है, दूसरा देखता रह जाता है वो क्रेडिट लेकर चल देते है बताते हुए कहा करने के लिए बहुत कुछ है।
काम इतना है कि हम सब कुछ नही कर सकते सोचकर कुछ भी नही करना चाहते, घर के कन्फर्ट जोन से बाहर निकलो अपने मन का लक्ष्य हासिल करने वो सब कर डालो जो पहले कभी नहीं किया… काम में खो जाओगे तो नयापन मिलेगा, नया सीखते हुए मंजिल पर पहुंचने और शोहरत का मजा आता है। उनकी बातें सुनकर थिएटर हाल में वैठे युवा ही नही बड़ी उम्र के लोग भी रोमांचित हुए।




