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इस चुनाव में कांग्रेस यूपी में सिर्फ 2 सीटों पर जीती है…तो एक वक्त बीजेपी भी पूरे देश में लोकसभा की सिर्फ दो सीटें ही जीत पाई थीं.. जानें….. कांग्रेस और भाजपा के रणबांकुरे योद्धाओं का किस्सा

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(शशि कोन्हेर) : इस बार यूपी के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन अपने चुनावी इतिहास का सबसे खराब प्रदर्शन है। कांग्रेस को इस चुनाव में मात्र 2 विधानसभा सीटों पर ही जीत मिली है। जबकि कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 400 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए थे। क्रिकेट के खेल की तरह राजनीति में भी कब कौन खिलाड़ी किस कदर चमक जाए इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता। आज उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी की मेहनत के बावजूद कांग्रेस को मात्र 2 विधानसभा सीटों पर जीत मिलने को लेकर हंसने और व्यंग करने वालों को राजनीति के इतिहास का वह पन्ना याद रखना चाहिए जब 1984 में देश में हुए आम चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी को मात्र 2 लोकसभा सीटों पर ही जीत मिली थी। इसमें से एक सीट थी गुजरात के मेहसाणा लोकसभा क्षेत्र की। वहां भाजपा के एके पटेल ने कांग्रेश के आर एस कल्याण भाई को पराजित किया था। इसी तरह 1984 में जिस भाजपा जिस दूसरी लोकसभा सीट पर विजय प्राप्त हुई वह आंध्र प्रदेश के हनामकोंडा सीट थी। यहां से इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश भर में चली सहानुभूति लहर के बावजूद भारतीय जनता पार्टी के चंदू पाटिया रहती ने जीत का परचम लहराया। चंदू पाटिया रेड्डी ने उस चुनाव में वहां से कांग्रेस के बड़े नेता स्वर्गीय श्री नरसिम्हा राव को परास्त किया था। जिन्हें बाद में कांग्रेस के द्वारा देश का प्रधानमंत्री बनाया गया था। 84 में मात्र 2 लोकसभा सीटों पर सिमटने वाली भाजपा उसके लालकृष्ण आडवाणी एवं स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई जैसे नेताओं ने हिम्मत नहीं हारी और 1989 के चुनाव में मेहनत कर 86 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की। इसके बाद 1991 में दोबारा चुनाव हुए और बीजेपी की लोकसभा सीटें बढ़कर 120 हो गई।
यहां हमारा यह बताने का आशय सिर्फ इतना ही है कि उत्तर प्रदेश चुनाव में मात्र 2 विधानसभा क्षेत्रों में जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस को भी हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। यह ठीक है कि अभी उसके दुर्दिन चल रहे हैं। लेकिन यह देश की अकेली ऐसी सबसे पुरानी जिसके कार्यकर्ता कश्मीर से कन्याकुमारी तक और गुजरात से पूर्वोत्तर भारत तक फैले हुए हैं। जिस तरह 1984 के चुनाव में मात्र 2 लोकसभा सीटों में से हटने के बावजूद भाजपा ने हिम्मत नहीं हारी ठीक उसी तरह कांग्रेस को भी अपने आक्रामक तेवर बनाए रखते हुए संगठन में मजबूती के लिए जमीन आसमान एक कर देना चाहिए। कोई आश्चर्य नहीं होगा कि आने वाले चुनाव में कांग्रेस उत्तर प्रदेश मै केवल 2 विधानसभा क्षेत्रों से 20 विधानसभा क्षेत्रों और फिर 200 विधानसभा क्षेत्रों में जीत हासिल करने का वजूद पैदा कर सकती है।

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कांग्रेस के दो रणबांकुरे

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उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जिंन सिर्फ दो विधानसभा क्षेत्रों में जीत हासिल की है अब जरा उन रणबांकुरों की भी चर्चा हो जाए। इस बार कांग्रेस उत्तर प्रदेश में जो महज 2 सीटें ही जीत पाई है। उनमें एक प्रतापगढ़ जिले की रामपुर खास विधानसभा सीट है। यहां से कांग्रेश की आराधना मिश्रा मोना ने भाजपा के नागेश प्रताप जी को 14771 मतों से हराकर अपनी चुनावी जीत की हेट्रिक बना ली है। यूपी में जिस दूसरी सीट पर कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में जीत मिली है वह फरेंदा विधानसभा सीट है। यहां से कांग्रेस के वीरेंद्र चौधरी ने बीजेपी के बजरंग बहादुर सिंह को 1246 मतों से हरा दिया है।

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