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विवाह मंडप में पहले दूल्हे के पिता ने दूल्हे को लगाया चांटा… फिर दूल्हे ने अपने पिता को भी लगा दिया थप्पड़..यह नजारा देख दुल्हन ने लिया ये फैसला..!

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(शशि कोन्हेर) : यूपी के चित्रकूट में एक दुल्हन ने बारात के आने के बाद शादी से इनकार कर दिया। मामला इतना बिगड़ा कि समझाने के बाद भी सुलह नहीं हुआ और बारात को वापस लौट जाना पड़ा।

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दरअसल शादी की रस्मों के बीच बार-बार दूल्हा, दुल्हन के कमरे में जा रहा था। उसे दुल्हन के कमरे में  बार-बार घुसते देख  नाराज दुल्हे के पिता ने बेटे को थप्पड़ मार दिया। जिसके बाद गुस्साए बेटे ने भी पिता पर हाथ उठा दिया। इसकी खबर जब दुल्हन तक पहुंची तो उसने शादी से ही इनकार कर दिया। समझाने की काफी कोशिश हुई। लेकिन लड़की तैयार नहीं हुई, जिसके बाद बारात को बैरंग लौट जाना पड़ा।

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उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के शिवरामपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की बेटी की शादी कानपुर के बर्रा के एक व्यक्ति से तय हुई थी। उसकी बारात हंसती-खिलखिलाती हुई कन्या के द्वार तक पहुंच चुकी थी। सब कुछ अच्छा चल रहा था, जयमाला के समय जब दूल्हे ने कन्या के सौंदर्य को देखा तो बाद में एक रस्म के लिए उसे बार-बार मनाने लगा।

दरअसल, दूल्हे को पता था कि उसके परिवार में लड़की को शादी के 4-5 दिन बाद ही मायके भेज दिया जाता है और फिर लंबे समय के बाद ही दुल्हन अपने ससुराल वापस आती है। इस बात से लड़का काफी परेशान हो रहा था और शादी की रस्मों के दौरान मंडप से बार-बार कमरे में जाकर दुल्हन को मनाने की कोशिश कर रहा था।

बेटे की इस हरकत से दूल्हे के पिता बेहद नाराज हो गए और उन्होंने अपने बेटे को थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ मारने के बाद लड़के को भी गुस्सा आ गया और उसने भी बिना कुछ सोचे-समझे अपने पिता को सबके सामने थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ों की इस गूंज का दुल्हन के मन पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और उसने ऐसे परिवार में शादी करने से इनकार कर दिया।

दुल्हन ने कहा कि दूल्हा कई बार उसके पास आया और कहा कि अगर वह अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहता है तो उसे कानपुर से यानी अपनी ससुराल से ही पूरी करनी होगी, चित्रकूट से नहीं। इस बात को लेकर लड़की पहले से ही परेशान थी और उसके बाद थप्पड़ मारने से उसका दिल टूट गया और उसने शादी से इनकार कर दिया। दुल्हन के इस फैसले के बाद शादी की रस्में रुक गईं।

शादी में हंगामे की सूचना पर पहुंचे चौकी प्रभारी राजोल नगर ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों पक्ष कुछ भी मानने को तैयार नहीं थे। दोनों के बीच लेन-देन का समझौता होने के बाद वर पक्ष खाली हाथ लौट गया।

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