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आने वाले 6 माह में…सुप्रीम कोर्ट को मिलेंगे…दो नए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया

(शशि कोन्हेर) : सुप्रीम कोर्ट में आने वाले छह महीने काफी हलचल भरे रहेंगे। प्रधान न्यायाधीश एनवी रमणा सहित पांच न्यायाधीश सेवानिवृत हो जाएंगे। सेवानिवृत होने वाले न्यायाधीशों में दो सीजेआइ (चीफ जस्टिस आफ इंडिया) शामिल होंगे। सीजेआइ बनने वालों में एक न्यायाधीश ऐसे हैं जो सीधे वकील से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हुए थे।

प्रधान न्यायाधीश एनवी रमणा के सेवानिवृत होने के बाद वरिष्ठताक्रम के हिसाब से जस्टिस यूयू ललित भारत के अगले प्रधान न्यायाधीश बनेंगे, लेकिन जस्टिस ललित का प्रधान न्यायाधीश के रूप में कार्यकाल मात्र दो महीने कुछ दिन का ही होगा और उनके बाद वरिष्ठताक्रम को देखते हुए जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भारत के प्रधान न्यायाधीश बनेंगे जो दो साल तक भारत के प्रधान न्यायाधीश रहेंगे।

जस्टिस चंद्रचूड़ पहले ऐसे सीजेआइ होंगे जिनके पिता भी सीजेआइ रह चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों के कुल मंजूर पद 34 है और इस वक्त 32 न्यायाधीश कार्यरत हैं जबकि दो पद रिक्त हैं।

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की सेवानिवृति की शुरुआत 29 जुलाई से होगी जब जस्टिस एएम खानविल्कर सेवानिवृत होंगे। जस्टिस खानविल्कर ने वैसे तो कई ऐतिहासिक फैसले सुनाए हैं, लेकिन गुजरात दंगों में एसआइटी द्वारा दी गई क्लीनचिट पर मुहर लगाने वाला गत 24 जून का उनका ताजा फैसला फिलहाल चर्चा में है।

जस्टिस खानविल्कर की पीठ ने ही महाराष्ट्र विधानसभा के 12 विधायकों को एक वर्ष के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव असंवैधानिक ठहराने का फैसला सुनाया था। जस्टिस खानविल्कर के बाद 26 अगस्त को प्रधान न्यायाधीश एनवी रमणा सेवानिवृत होंगे।

जस्टिस रमणा ने बहुत से महत्वपूर्ण फैसले दिये हैं जिनके लिए उन्हें याद किया जाएगा लेकिन महाराष्ट्र में सरकार बनाने का दावा और बहुमत को लेकर हुए विवाद में 24 घंटे के भीतर फ्लोर टेस्ट कराने का फैसला महत्वपूर्ण है। उसी फैसले के बाद देवेन्द्र फडणवीस ने इस्तीफा दे दिया और राज्य में एनसीपी, कांग्रेस के समर्थन से शिव सेना के उद्धव ठाकरे ने सरकार बनाई थी जो आजकल फिर संकट में है।

जस्टिस रमणा की सेवानिवृति के बाद वरिष्ठताक्रम के हिसाब से जस्टिस यूयू ललित भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) बनेंगे। जस्टिस ललित देश के ऐसे दूसरे सीजेआइ होंगे जो सीधे वकील से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त हुए हैं। इससे पहले जस्टिस एसएम सीकरी थे जो वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश नियुक्त हुए थे और जनवरी 1971 में भारत के प्रधान न्यायाधीश बने थे।

जस्टिस यूयू ललित का भारत के प्रधान न्यायाधीश के रूप में कायर्काल काफी छोटा रहेगा। वह 27 अगस्त को सीजेआइ बनेंगे और दो महीने कुछ दिन बाद ही आठ नवंबर 2022 को सेवानिवृत हो जाएंगे। जस्टिस ललित के फैसलों में सबसे महत्वपूर्ण फैसला तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित करने का था।

जस्टिस ललित के बाद वरिष्ठताक्रम के मुताबिक जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ 9 नवंबर को भारत के प्रधान न्यायाधीश बनेंगे। डीवाई चंद्रचूड़ू के पिता वाईवी चंद्रचूड़ 22 फरवरी 1078 से 11 जुलाई 1985 तक भारत के प्रधान न्यायाधीश रहे।

अब तक के सीजेआइ में वाईवी चंद्रचूड़ का कार्यकाल सबसे लंबा था वह सात वर्ष चार महीने सीजेआइ रहे। उनके पुत्र डीवाई चंद्रचूड़ का भी सीजेआइ के तौर पर कार्यकाल दो वर्ष का होगा और वह 10 नवंबर 2024 को सेवानिवृत होंगे।

जस्टिस यूयू ललित के भारत के प्रधान न्यायाधीश कार्यकाल के दौरान सुप्रीम कोर्ट के दो न्यायाधीश और सेवानिवृत होंगे। जिनमें 23 सितंबर को जस्टिस इंदिरा बनर्जी सेवानिवृत होंगी और 16 अक्टूबर 2022 को जस्टिस हेमंत गुप्ता सेवानिवृत हो जाएंगे।

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