देश

शिंदे और उद्धव की अनेक याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, फैसला संभव

(शशि कोन्हेर) : महाराष्ट्र में सियासी उठा पटक के बीच आज शिवसेना व राज्य सकार से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे गुट की तरफ से दायर याचिकाओं पर 20 जुलाई को सुनवाई होगी।

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमणा समेत तीन जजों की बेंच याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। खास बात है कि मौजूदा सीएम एकनाथ शिंदे के साथ शिवसेना के करीब 40 विधायकों की बगावत के बाद राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार गिर गई थी।

ठाकरे और शिंदे, दोनों ही गुट विधायकों की अयोग्यता के मुद्दे पर शीर्ष न्यायालय का रुख कर चुके हैं। सीजेआई के अलावा जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली दोनों खेमों की याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इनमें एक याचिका शिवसेना के चीफ व्हिप सुनील प्रभु (उद्धव कैंप) की तरफ से भी दाखिल की गई है।

इसमें उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल के महाविकास आघाड़ी सरकार को बहुमत साबित करने के लिए बुलाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर को अयोग्यता के संबंध में कोई फैसला नहीं लेने के निर्देश दिए गए थे।

किन-किन याचिकाओं पर होनी है सुनवाई
शिंदे गुट के 16 बागी विधायकों की सदस्यता रद्द मामले में दाखिल याचिका पर। इस मामले में डिप्टी स्पीकर, शिवसेना और केंद्र को नोटिस दिया गया था।


केस सुप्रीम कोर्ट में होने के बावजूद राज्यपाल ने फ्लोर टेस्ट कराए जाने का निर्देश दिया था, इसके खिलाफ याचिका दाखिल है।
सदन में शिवसेना के नए गुट को मान्यता देने के खिलाफ उद्धव गुट की ओर से दाखिल याचिका पर।


एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने का न्यौता देने वाले राज्यपाल के फैसले के खिलाफ उद्धव गुट ने याचिका दाखिल की है।
फैसले के कारण अटका मंत्रिमंडल विस्तार महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के साथ डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शपथ ली थी। उनके शपथ ग्रहण के बाद से मंत्रिमंडल विस्तार का कार्यक्रम अटका हुआ है। विधायकों की सदस्यता पर फैसला होने के बाद ही मंत्रिमंडल के विस्तार की अटकले हैं। अगर आज सुनवाई में विधायकों की सदस्यता पर फैसला आता है तो जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख का ऐलान हो सकता है।

खास बात है कि 4 जुलाई को विश्वास मत जीतने के बाद शिंदे गुट ने उद्धव कैंप के 14 विधायकों को नोटिस जारी किए थे। गोगावले की तरफ से जारी व्हिप का उल्लंघन करने के चलते विधायकों के खिलाफ एक्शन लिया गया था। खास बात है कि दोनो गुट एक-दूसरे पर पार्टी व्हिप नहीं मानने के आरोप लगा रहे हैं। इसके चलते दोनों पक्षों की ओर से अयोग्य ठहराए जाने की मांग की गई है।

शिंदे के समर्थन में आए 12 सांसद


महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को शिवसेना पर दावा ठोकते हुए लोकसभा स्पीकर के सामने 12 सांसदों की परेड करा दी थी। शिंदे का दावा है कि शिवसेना के 19 में से 18 सांसदों का समर्थन उनके पास है। स्पीकर ओम बिड़ला ने भी बागी गुट के नेता एकनाथ शिंदे समर्थक सांसद राहुल शेवाले को लोकसभा में शिवसेना के नेता के तौर पर मान्यता दे दी। इसके अलावा शिवसेना की ही सांसद भावना गवली को चीफ व्हिप की नियुक्ति को भी मान लिया।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button