छत्तीसगढ़मुंगेली

कला केंद्र में ताला लटकने का गहराया संकट

(अलीम मिर्जा) : मुंगेली । मुंगेली जिला प्रशासन के द्वारा जिला एवं आस पास के कलाकारों के कला को निखारने के लिए जिला प्रशासन ने लाखो रुपए खर्च कर नगर के आदर्श कृषि मंडी प्रांगण में कला केंद्र की स्थापना कराया गया था जिसकी शुरुवात जुलाई माह में की गई थी। इस कला केंद्र में गायन, पेंटिंग, मेहंदी, डांस, गिटार, पाक कला, क्ले आर्ट, ड्रम, की बोर्ड, तबला जैसे अनेक विधाओं में प्रशिक्षण दिया जाता था साथ ही इसी कला केंद्र में रिकाडिंग स्टेडियो भी बनाया गया था। प्रशासन द्वारा लाखो रुपए खर्च कर बनाया गया यह कला केंद्र वर्तमान में एक सरकारी ढांचा बन कर रहा गया है। कला केंद्र की शुरुवात तत्कालीन कलेक्टर गौरव कुमार ने किया था  ।

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शुरुवात में कलेक्टर के संचालन में कला केंद्र शहर और आस पास अपनी एक अलग पहचान बना रहा था परंतु वर्तमान स्थिति बिल्कुल विपरीत है । वर्तमान में इस कला केंद्र को ध्यान देने के लिए किसी भी अधिकारी के पास टाइम ही नही है जिसके कारण यह कला केंद्र पूरी तरह से बंद होने के कगार पर है। कला केंद्र में  प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षकों के द्वारा ही आपसी मतभेद होने की वजह से यंहा प्रशिक्षार्थी प्रशिक्षण लेने नही आ रहे है ।

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यही अव्यवस्था को देखते हुवे कई प्रशिक्षक अपना त्याग पत्र भी दे चुके हैं जिसके चलते यह कला केंद्र में संचालित विधा पूरी तरीके से बंद हो गई है। लाखो रुपए खर्च कर बनाए जाने वाले इस कला केंद्र पर अभी तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारीयो की नजर नहीं पड़ी है। ऐसे में प्रशासन द्वारा  बनाए जाने वाले कला केंद्र को प्रशासन ही ध्यान नही दे रहा है तो फिर इसका भगवान ही मालिक है।

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वही इस कला केंद्र के प्रशिक्षकों के द्वारा कला केंद्र में होने वाली सुविधाओं को ले कर बार बार अधिकारियों को सूचित भी किया जाता रहा है परंतु अधिकारियों के द्वारा किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण कुछ प्रशिक्षकों को मजबूरन अपना त्याग पत्र भी देना पड़ा है जिसके कारण अब कला केंद्र में कई विधाओं के प्रशिक्षक भी नही रहे। यही कारण है की कई विधाएं बंद हो गई है । प्रशासन के द्वारा जिस मंशा से इस कला केंद्र का निर्माण कराया था जो अब पूरी तरह से बंद होने के कगार पर आ गया है।

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