बिलासपुर पुलिस का ‘साइलेंट वॉरियर’: 10 किमी जंगल छान मारा और ढूंढ निकाली जिंदगी; डॉग ‘विमला’ ने बचाई लापता युवक की जान

(आशीष मौर्य संपादक) : बिलासपुर – घने जंगल, ढलती शाम और पिछले 48 घंटों से अपनों की तलाश में भटकता एक परिवार—जब उम्मीदें दम तोड़ रही थीं, तब बिलासपुर पुलिस की डॉग ‘विमला’ फरिश्ता बनकर आई। विमला ने दुर्गम रास्तों और घने झाड़ियों के बीच करीब 10 किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चलाकर लापता तरुण सिदार को अचेत अवस्था में ढूंढ निकाला और उसकी जान बचा ली।
दो दिनों से लापता था युवक : जानकारी के अनुसार, तरुण सिदार पिछले 48 घंटों से लापता था। परिजनों की शिकायत पर बिलासपुर पुलिस ने तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया। चूंकि मामला घने जंगल से जुड़ा था, इसलिए बिलासपुर पुलिस के विशेष डॉग स्क्वाड की मदद ली गई।
विमला की सूझबूझ: सूंघते हुए तय किया 10 किमी का रास्ता : लापता व्यक्ति के कपड़ों की गंध मिलते ही ट्रैकर डॉग विमला ने अपना काम शुरू किया। विमला बिना रुके पथरीले रास्तों और घने जंगलों के बीच लगातार आगे बढ़ती रही। पुलिस टीम उसके पीछे-पीछे चलती रही। लगभग 10 किलोमीटर तक लगातार सर्च करने के बाद, विमला जंगल के एक एकांत हिस्से में रुकी, जहाँ तरुण सिदार अचेत (बेहोश) अवस्था में पड़ा हुआ था।
वक्त रहते मिली मदद : युवक के मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत उसे प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया और अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, यदि मिलने में थोड़ी भी और देरी होती, तो युवक की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
पुलिस की प्रतिबद्धता का प्रतीक : बिलासपुर पुलिस के अधिकारियों ने विमला की इस बहादुरी और सटीक कार्यप्रणाली की जमकर प्रशंसा की है। विमला जैसे ‘साइलेंट वॉरियर्स’ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिसिंग में तकनीक के साथ-साथ इन जांबाज कुत्तों का प्रशिक्षण कितना महत्वपूर्ण है।यह घटना न केवल पुलिस डॉग स्क्वाड की क्षमता को दर्शाती है, बल्कि पुलिस के प्रति जनता के विश्वास को भी और मजबूत करती है।




