रायगढ़

जंगल में फिर मिला हाथी के शावक का शव, 5 महीने में तीसरी मौत

रायगढ़ जिले के तमनार वन परिक्षेत्र से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। जंगल में हाथी के एक शावक का शव मिला है। लगातार हो रही हाथियों की मौतों ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है।मामला रायगढ़ वन मंडल के तमनार रेंज का है। झिंगोल बीट के कक्ष क्रमांक 838 आरएफ में ग्रामीणों ने सबसे पहले हाथी के बच्चे का शव देखा और इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही तमनार एसडीओ आशुतोष मंडवा, रेंजर विक्रांत कुमार और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

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मौके पर बड़े हाथियों के पैरों के निशान भी पाए गए हैं। जमीन पर बने निशानों से अंदाजा लगाया जा रहा है कि शावक की मौत के बाद झुंड के हाथियों ने उसे उठाने या खींचने की कोशिश की होगी। हालांकि आसपास करंट वाला तार या किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि के प्रमाण नहीं मिले हैं।

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वन विभाग ने मौके पर पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। डॉक्टरों की शुरुआती जांच में शावक के शरीर में कमजोरी के लक्षण पाए गए हैं। हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।गौरतलब है कि तमनार रेंज में पिछले पांच महीनों में तीन हाथियों की मौत हो चुकी है। अक्टूबर में केराखोल के जंगल में करंट की चपेट में आने से एक हाथी की जान गई थी, जबकि एक अन्य शावक की मौत चट्टानों में फंसने से हुई थी।

 

तमनार रेंजर विक्रांत कुमार के मुताबिक, शावक के शरीर पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। प्रथम दृष्टया कमजोरी से मौत की आशंका है, लेकिन अंतिम खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगा।फिलहाल सामारूमा क्षेत्र में 26 हाथियों का दल मौजूद है और वन विभाग लगातार झुंड पर नजर बनाए हुए है। लगातार हो रही मौतों के बीच वन विभाग की सतर्कता बढ़ा दी गई है।

 

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