सरकारी तालाब से मिट्टी उत्खनन का आरोप, पेड़ों की जड़ों पर मंडराया खतरा

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर जिले के ग्राम पंचायत लोखंडी में सरकारी तालाब के आसपास मिट्टी उत्खनन और पेड़ों को नुकसान पहुंचाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि तालाब क्षेत्र से लगातार मिट्टी निकाली जा रही है, जिससे पेड़ों की जड़ें कमजोर हो रही हैं और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। मामले को लेकर ग्रामीणों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
लोखंडी गांव का तालाब स्थानीय लोगों के लिए जल स्रोत होने के साथ-साथ पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार तालाब के किनारे बड़े पैमाने पर मिट्टी खुदाई की जा रही है, जिसके कारण कई पेड़ों की जड़ें खुल गई हैं और उनके गिरने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो तालाब की संरचना और आसपास की हरियाली दोनों प्रभावित हो सकती हैं। पंचायत का दावा है कि कई बार समझाइश देने के बावजूद खुदाई का काम जारी रहा। पंचायत ने भूमि रिकॉर्ड की जांच कराते हुए बताया कि संबंधित जमीन सरकारी दर्ज है और किसी व्यक्ति विशेष के नाम पर स्वामित्व दर्ज नहीं है। अब ग्रामीण प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला केवल जमीन विवाद का नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा से भी जुड़ा है। ऐसे में अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि तालाब और उससे जुड़े हरित क्षेत्र की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।




