बिलासपुर

हरिद्वार में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य समापन, भक्ति में डूबे श्रद्धालु

(भूपेन्द्र सिंह राठौर) : भगवान विष्णु को समर्पित पवित्र पुरुषोत्तम मास में हरिद्वार में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का विधिवत समापन हो गया। बिलासपुर जिले के सीपत अंचल से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सात दिनों तक कथा श्रवण, पूजन-अर्चन और गंगा आरती में भाग लेकर भक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।

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5 जून से 12 जून तक हरिद्वार में मां गंगा की पूजा और भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ था। कथा का वाचन भगवताचार्य पंडित दीपक शर्मा ने किया। इस दौरान बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे करीब 140 श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु की पूजा, अभिषेक, हवन, तुलसी पूजन और गंगा में दीपदान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कथा के दौरान सृष्टि उत्पत्ति, ध्रुव और प्रह्लाद चरित्र, गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार, सूर्यवंश और चंद्रवंश सहित अनेक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। अंतिम दिवस श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, रुक्मिणी-कृष्ण विवाह और सुदामा चरित्र का विशेष आयोजन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के समापन अवसर पर पंडित दीपक शर्मा ने कहा कि पुरुषोत्तम मास भगवत भक्ति, जप, तप और दान का सर्वोत्तम महीना माना जाता है। उन्होंने श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता को कलियुग के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए श्रीमद् भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डाला।

पूरे आयोजन में मुख्य यजमान संतोष गुप्ता, इंदु गुप्ता, महेश राठौर, द्रौपती राठौर, भागवत गुप्ता और राजेश्वरी गुप्ता सहित 140 सहायक यजमानों ने सहभागिता निभाई। वहीं व्यवस्थापक कौशल किशोर गुप्ता ने आयोजन की व्यवस्थाओं का सफल संचालन किया। हरिद्वार की पावन धरती पर आयोजित इस सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ने श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा और आध्यात्मिकता का संदेश दिया, जिसके साथ कथा का भव्य एवं भावपूर्ण समापन हुआ।

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