रायगढ़ दौरे पर डीजीपी अरुण देव गौतम, कानून-व्यवस्था और कम्युनिटी पुलिसिंग पर दिया जोर

छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम का रायगढ़ दौरा कई अहम संदेश देकर गया। डीजीपी ने जिले की कानून-व्यवस्था, पुलिसिंग में नवाचार और जनता के साथ बेहतर संवाद को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।डीजीपी अरुण देव गौतम 5 अप्रैल को जशपुर से सड़क मार्ग से रायगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने रक्षित केंद्र स्थित ऑफिसर्स मेस में जिले के पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करने और बीट सिस्टम को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायतकर्ता की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे आम जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हो सके।बैठक में कम्युनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देने, अपराध नियंत्रण के लिए सूचना तंत्र मजबूत करने और यातायात व्यवस्था सुधारने पर विशेष चर्चा की गई। डीजीपी ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
साथ ही न्यायालयीन प्रक्रियाओं को तेज करने के लिए समंस और वारंट की समय पर तामिली और रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर जोर दिया।डीजीपी ने साफ कहा कि पुलिसिंग पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए। किसी भी मामले में पक्षपात की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए और हर कार्रवाई तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।
अपने दौरे के दौरान डीजीपी ने होमगार्ड फायर यूनिट का निरीक्षण किया और संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने फायर ब्रिगेड वाहनों की उपलब्धता को लेकर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी से चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने छठवीं वाहिनी का निरीक्षण कर साफ-सफाई और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने के निर्देश भी दिए, सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में डीजीपी ने साइबर अपराधों पर भी सख्ती से कार्रवाई की बात कही और बताया कि म्यूल अकाउंट्स के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।उन्होंने एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना भी की।
कुल मिलाकर डीजीपी का यह दौरा पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




