जाली ऋण पुस्तिका बनाकर जमानत कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश

रायगढ़ – घरघोड़ा पुलिस ने न्यायालय में फर्जी जमानत दिलाने के लिए जाली ऋण पुस्तिका का इस्तेमाल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में दलाल जगन्नाथ कसेरा और पट्टाधारी पद्मलोचन साव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
आरोपियों ने किसान ऋण पुस्तिका के पुराने पन्ने हटाकर कोरे पन्ने जोड़ दिए थे और उन्हीं दस्तावेजों के सहारे बार-बार आरोपियों की जमानत कराते थे। यह साजिश कोर्ट स्टाफ और न्यायाधीश श्री दामोदर प्रसाद चंद्रा की सतर्कता से उजागर हुई।
शिकायत न्यायालय में पदस्थ बाबू प्रशांत कुमार सिंह द्वारा दर्ज कराई गई थी, जिसमें बताया गया कि जमानतदार पद्मलोचन साव ने एक ही ऋण पुस्तिका से दो बार अलग-अलग मामलों में जमानत दिलाने की कोशिश की। दस्तावेजों की जांच में हेराफेरी उजागर हुई, जिसके बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 177/2025 के तहत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी जमानत के लिए बार-बार दस्तावेजों में कांटछांट करते थे और इसके बदले मोटी रकम की वसूली की जाती थी। पुलिस ने आरोपियों से फर्जी दस्तावेज जब्त कर न्यायिक रिमांड में भेज दिया है। रायगढ़ पुलिस का कहना है कि कोर्ट को गुमराह कर लाभ उठाने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।




