रायगढ़

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 23 लाख की ठगी: अंतरराष्ट्रीय साइबर गैंग का भंडाफोड़, 2 आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़ पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में बैंगलूरू से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि इस गैंग का नेटवर्क भारत से लेकर दुबई तक फैला हुआ था। ठगों ने एक रिटायर्ड शिक्षक को सीबीआई अधिकारी बनकर डराया और 23 लाख से ज्यादा की रकम ठग ली।

Advertisement

मामला पुसौर थाना क्षेत्र का है, जहां 72 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक गरुण सिंह पटेल से साइबर ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर संपर्क किया। आरोपियों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाया और जांच के नाम पर 12 किश्तों में करीब 23 लाख 28 हजार रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए।शिकायत मिलने के बाद रायगढ़ पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और बैंक ट्रांजेक्शन, यूपीआई आईडी व मोबाइल नंबरों की पड़ताल की। जांच में सुराग मिलने पर पुलिस टीम बैंगलूरू पहुंची और वहां से दो आरोपियों विग्नेश पी और स्टीफन थॉमस को गिरफ्तार किया।

Advertisement

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गैंग दुबई से संचालित हो रहा था, जहां मुख्य आरोपी फिरोज खान उर्फ डॉम्निक बैठकर पूरे नेटवर्क को चला रहा था। आरोपी लोगों को डिजिटल अरेस्ट, आधार लिंकिंग और फर्जी जांच के नाम पर ठगी का शिकार बनाते थे।

 

पुलिस ने आरोपियों के खातों में जमा 17 लाख रुपये से अधिक की राशि होल्ड कराई है और घटना में इस्तेमाल दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी है, जबकि मुख्य सरगना अभी फरार है।

 

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या सरकारी अधिकारी बनकर दी जा रही धमकियों से सावधान रहें और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुटी है।

Related Articles

Back to top button