मुंगेली

स्कूल में पानी की किल्लत: तालाब से पानी ढोने को मजबूर छात्राएं, शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

(मनीष नामदेव) : मुंगेली जिला से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों को तालाब से पानी लाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस घटना ने शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जानकारी के अनुसार, शासकीय प्राथमिक शाला निरजाम में पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण छात्राओं को पास के तालाब से पानी ढोना पड़ रहा है। बच्चियां बाल्टी और बर्तनों के जरिए पानी ला रही हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उन्हें अनावश्यक शारीरिक श्रम करना पड़ रहा है।

Advertisement

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों से इस प्रकार का कार्य कराना बाल श्रम की श्रेणी में आ सकता है। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से श्रम कराना प्रतिबंधित है। वहीं शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अनुसार स्कूलों में बच्चों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

Advertisement

सबसे गंभीर पहलू यह है कि बच्चियों को तालाब तक भेजा जा रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है। हादसे की आशंका से अभिभावकों में चिंता का माहौल है।स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button