बिल पास कराने के बदले मांग रहा था कमीशन, कार में पैसे रखते ही एसीबी बिलासपुर ने दबोचा

(आशीष मौर्य संपादक) : छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एसीबी/आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने आज एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एसीबी बिलासपुर की टीम ने जांजगीर जिले के नवागढ़ नगर पंचायत में पदस्थ लेखापाल प्रकाश जायसवाल को 8000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
बिल भुगतान के नाम पर मांगी थी रिश्वत : जानकारी के अनुसार, प्रार्थी अब्दुल वहाब की फर्म ने नगर पंचायत नवागढ़ क्षेत्र में वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान अधोसंरचना और मरम्मत के कार्य किए थे। इन कार्यों के करीब 2,03,000 रुपये के बिल का चेक जारी करने के एवज में लेखापाल प्रकाश जायसवाल द्वारा 16,000 रुपये की मांग की जा रही थी। प्रार्थी पहले ही 6,000 रुपये दे चुका था, लेकिन आरोपी शेष 10,000 रुपये के लिए लगातार दबाव बना रहा था।
सेमरा के पास बिछाया गया जाल : रिश्वत न देने की इच्छा जताते हुए प्रार्थी ने एसीबी बिलासपुर में इसकी शिकायत की। शिकायत के सत्यापन के दौरान मोलभाव में आरोपी 8,000 रुपये लेने पर सहमत हुआ। योजना के मुताबिक, आज 20 मार्च 2026 को जैसे ही प्रार्थी ने ग्राम सेमरा के पास शाह क्रशर के समीप आरोपी को पैसे दिए और आरोपी ने राशि अपनी कार में रखी, वैसे ही घेराबंदी कर खड़ी एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया।
डीएसपी अजितेश सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई : एसीबी बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि आरोपी के पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई है। आरोपी प्रकाश जायसवाल के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी लोकसेवक अपने काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल ब्यूरो को दें ताकि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।




