खाकी का मानवीय चेहरा: एडिशनल एसपी अनिल सोनी ने सड़क पर भटक रहे मासूम को मां से मिलाया

रायगढ़ में खाकी का संवेदनशील और जिम्मेदार चेहरा उस समय देखने को मिला, जब एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी ने मुख्य सड़क पर खतरनाक स्थिति में खेल रहे दो वर्षीय मासूम को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया। दोपहर करीब तीन बजे कलेक्ट्रेट की बैठक में शामिल होने जा रहे एडिशनल एसपी की नजर सीएमओ तिराहा के आगे भगवानपुर के पास मेन रोड पर पड़ी, जहां एक छोटा बच्चा टॉय कार के साथ सड़क के बीचों-बीच खेल रहा था और दोनों ओर से भारी वाहन गुजर रहे थे।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए एडिशनल एसपी ने तुरंत वाहन रुकवाया और स्वयं उतरकर बच्चे को गोद में उठा लिया। आसपास पूछताछ करने पर परिजनों का कोई पता नहीं चला। बच्चे को शांत कराने के लिए उन्होंने पास की दुकान से चॉकलेट और बिस्किट दिलवाए और स्नेहपूर्वक उससे घर का पता जानने का प्रयास किया। बच्चे ने इशारों में रास्ता बताया, जिसके बाद स्थानीय युवकों शिवम और भोला पासवान की मदद से वे करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर भरतपुर मोहल्ले पहुंचे।
मोहल्ले में पहुंचते ही बच्चे ने अपनी मां को देखते ही पुकारा और उसकी पहचान शौर्य के रूप में हुई। बेटे को सुरक्षित पाकर मां की आंखों में राहत साफ झलक रही थी। एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी ने महिला को भविष्य में बच्चे का विशेष ध्यान रखने की समझाइश दी और शौर्य के सिर पर स्नेहपूर्वक हाथ फेरते हुए अपनी ड्यूटी के लिए रवाना हो गए। यह घटना दर्शाती है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए भी सदैव तत्पर है।




