बिलासपुर

कांग्रेस भवन में कस्तूरबा गांधी मौलाना अबुल कलाम आजाद डॉ खूबचंद बघेल और संत शिरोमणि रैदास जी की जयंती मनाई गई

(शशि कोन्हेर) : बिलासपुर। ज़िला कांग्रेस कमेटी ( शहर/ग्रामीण ) ने 22 फरवरी को कांग्रेस भवन में कस्तूरबा गांधी,मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद,डॉ खूबचन्द बघेल की पुण्यतिथि और सन्त शिरोमणि रैदास जी की जयंती मनाई गई ,और उनकी छायाचित्रों में माल्यार्पण कर पुण्य स्मरण किये गए।


शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने कहा कि इन चारों विभूतियों ने धार्मिक ,राजनैतिक और सामाजिक रूप से देश को एकता की धागे में पिरोया,समाज मे फैले ऊंच-नीच भेदभाव,अशिक्षा,को मिटाने में अहम भूमिका निभाई,डॉ खूबचन्द बघेल ने भ्रातृ संघ की स्थापना कर पृथक छत्तीसगढ़ की स्वप्न देखा और बड़े बड़े आंदोलन किये ,आज छत्तीसगढ़ एक राज्य के रूप में स्थापित है ,जिसका श्रेय डॉ खूबचन्द बघेल जी को जाताहै ,उनकी परिकल्पना का छत्तीसगढ़ गढ़ने में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आगे बढ़ रहे है ।


विजय पांडेय ने कहा कि मैकाले की शिक्षा नीति से भारतीय लोग चपरासी ,बाबू बन सकते थे ,अंग्रेज चाहते थे कि भारतीय लोग अशिक्षित रहे और सर्वहारा समाज शिक्षा से दूर रहे ,इस मिथ्या को भारतरत्न ,प्रथम शिक्षामंत्री अब्दुल कलाम ने तोड़ा और स्वतंत्र भारत मे ऐसी शिक्षा नीति की नींव रखी की आज हर कोई पढा लिखा है ,बड़ी बड़ी शिक्षण संस्थान स्थापित है ,उन्होंने संस्कृति को बढ़ाने के लिए ललित अकादमी,साहित्य अकादमी और संगीत कला अकादमी के गठन किया ,आधुनिक शिक्षा के प्रणेता थे अब्दुल कलाम ।
ज़फ़र अली, हरीश तिवारी,एसएल रात्रे ने कहा कि सन्त रैदास धार्मिक -सामाजिक चेतना के अग्रदूत थे,मीराबाई के गुरु थे ,उनके दोहे में सामाजिक समरसता है,समाज मे फैले आडम्बर के विरोधी थे उनका मानना था कि ” मन चंगा तो कठोती में गंगा ” अर्थात मन प्रसन्न है तो अभाव में रहकर भी अच्छी जिंदगी जिया जा सकता है । महात्मा गांधी के अनुचरी,सहचरी थी कस्तूरबा गांधी ,गांधी जी के सभी आंदोलनों में बढ़चढ़ कर भाग लेती थी अनेकों बार जेल यात्रा की , देश के प्रति उनका योगदान अविस्मरणीय है ।
कार्यक्रम को ऋषि पांडेय,अनिल सिंह चौहान,विनोद साहू,ब्रजेश साहू ने भी सम्बोधित किया।


कार्यक्रम में उपस्थित थे शहर अध्यक्ष विजय पांडेय,महापौर रामशरण यादव,पूर्व विधायक चन्द्र प्रकाश बाजपेयी,सैय्यद ज़फ़र अली,हरीश तिवारी,एसएल रात्रे,विनोद शर्मा, त्रिभुवन कश्यप,माधव ओत्तलवार ,ऋषि पांडेय, राजेश शुक्ला,विनोद साहू,अनिल सिंह चौहान, सुभाष ठाकुर,गंगाराम लस्कर, राजेश शर्मा,ब्रजेश साहू,राम दुलारे रजक,अखिलेश बाजपेयी ,वीरेंद्र सारथी,मिथलेश सेंदरी,रूपेश रोहिदास, आनन्द तिवारी, सीमा घृटेश,सावित्री सोनी, सरिता शर्मा, किरण कश्यप,अन्नपूर्णा ध्रुव, माही सिंह,अर्जुनसिंह,चन्द्रहास केशरवानी,राम प्रसाद साहू,प्रदीप राही,करम गोरख,हेमन्त दिघरस्कार,सूर्यकांत साहू, लल्ला सोनी,समीर शर्मा,हर्ष कश्यप,अनिल कश्यप,राजेश ताम्रकार,सतिराम पटेल,दिनेश सूर्यवंशी,चन्दन सिंह,मोहन जायसवाल,अयूब खान,राकेश बंजारे,सुहैल कासमी,लक्ष्मी जांगड़े,राजेन्द्र वर्मा,अजय पन्त,छोटू मोइत्रा,दीपक श्रीवास,भरत जुर्यनी,चेतनदास मानिकपुरी,दिनेश यादव,राजकुमार बंजारे,आदि उपस्थित थे।

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