एनडीपीएस अधिनियम पर सेमिनार, विशेष न्यायाधीश ने कहा : तकनीकी खामियों से आरोपी हो जाते हैं बरी

रायपुर पुलिस ने न्यू सर्किट हाउस में स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम यानी एनडीपीएस एक्ट पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार में विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस विवेचकों को एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के नवीनतम फैसलों और दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई।
विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा ने कहा कि कई बार तकनीकी प्रावधानों का सही तरीके से पालन न होने की वजह से आरोपी बरी हो जाते हैं। ऐसे में थाना प्रभारी, जब्ती अधिकारी और रेड पार्टी के सदस्यों के लिए जरूरी है कि वे कानून की बारीकियों से पूरी तरह परिचित हों।
उन्होंने यह भी कहा कि अभियोजन और पुलिस का बेहतर तालमेल ही अभियुक्तों को सजा दिलाने में मदद कर सकता है। यही कारण है कि ऐसे सेमिनार जरूरी हैं, ताकि प्रकरणों की विवेचना मजबूत हो और मामलों का निस्तारण तेजी से हो सके।
सेमिनार में पुलिस अधिकारियों और विवेचकों को साफ संदेश दिया गया कि एनडीपीएस प्रकरणों में तकनीकी त्रुटियों से बचते हुए ठोस जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही अदालत में आरोपी को दोषसिद्ध किया जा सकता है।




