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सजा के बाद भी बनी हुई है, लालू की ठसक, जेल मैनुअल दरकिनार कर लगातार भेंट कर रहे हैं नेता

(शशि कोन्हेर) : रांची – रिम्स के पेइंग गेस्ट में इलाज करा रहे लालू प्रसाद की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है। जेल मैनुअल का उल्लंघन कर लगातार राजद व अन्य दलों के नेता उनसे मिल रहे हैं। बिहार से भी नेताओं के आकर मिलने का सिलसिला जारी है। कब कौन लालू प्रसाद से मिलकर चले जाते हैं, जेल अधीक्षक को भी जानकारी नहीं होती। शनिवार को जेल प्रशासन की अनुमति के बिना राज्य सभा सदस्य अमरेंद्र धारी उर्फ एडी ङ्क्षसह, शिवहर से पार्टी के लोकसभा उम्मीदवार रहे सैयद फैसल अली, छपरा के राजद नेता रामबाबू ङ्क्षसह सहित चार नेताओं ने मुलाकात की।

बगैर अनुमति लालू से मिले सांसद सहित चार नेता

नियमानुसार लालू प्रसाद से मिलने वालों को रांची के होटवार जेल के अधीक्षक से अनुमति लेना आवश्यक है। मुलाकातियों को पहले आवेदन देना होता है। इसपर लालू प्रसाद से चर्चा के बाद जेल अधीक्षक अनुमति प्रदान करते हैं। जेल मैनुअल का पालन कराने के लिए रिम्स के पेइंग वार्ड तीन मजिस्ट्रेट के साथ तीन दर्जन पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। मुलाकातियों को प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट को अनुमति पत्र दिखाना होता है, जबकि इसके ठीक उलट प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट राजद नेताओं को रोकने की जरूरत नहीं समझते।

नेताओं ने कहा, लालू से मिला चुनाव जीतने का मंत्र

शनिवार को लालू से मुलाकात करने के बाद राज्यसभा सदस्य और लालू के करीबी अमरेंद्र धारी सिंह, शिवहर के राजद नेता सैयद फैसल अली और छपरा के राजद नेता रामबाबू सिंह ने बताया कि लालू प्रसाद ने उन्हें बिहार विधान परिषद चुनाव में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने का संदेश दिया है। तीनों नेताओं ने कहा कि वह लालू का हालचाल लेने आए थे। वहीं जेल अधीक्षक का कहना है कि जब सुरक्षाकर्मी जेल मैनुअल का पालन नहीं करते तो हमारी इसमें क्या गलती है।

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