उत्तरप्रदेश

देखें PHOTO : 22 लाख 23 हजार दीयों से जगमग हुई रामनगरी, अयोध्या ने बनाया एक और नया रिकॉर्ड

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(शशि कोन्हेर) : सातवें दीपोत्सव पर सीएम योगी की मौजूदगी में अयोध्या ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। सरयूट घाट पर आरती के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव संध्या की शुरुआत करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद अयोध्या के 51 घाटों पर दीपक जलाए गए। राम की पैड़ी पर 22 लाख 23 हजार दीपों को जलाकर अयोध्या ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। अयोध्या का ये रिकॉर्ड गिनीज बुक में भी दर्ज हो गया है। बतादें कि मिट्टी के दीयों से सजा सरयू घाट देखते ही बन रहा था। दिवाली से दिन पहले मनाए जाने वाले दीपोत्सव पर पूरी अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया गया था।

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दीपोत्सव के मौके पर सरयूट घट पर लेजर शो का भी आयोजन किया गया है। इसके अलावा सरयूट घाट पर एक स्क्रीन भी लगाई गई है जिसमें भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास के चित्र का दर्शाया जाएगा। दावा है कि ये स्क्रीन दुनिया की सबसे बड़ी स्क्रीन है। बतादें कि सरयू घाट पर दीपों के जरिए ही राम मंदिर की आकृति बनाई गई जो इतनी भव्य और दिव्य दिखाई दी कि सबकी नजरें वहीं पर जाकर टिक गई। इसके अलावा राम की पौड़ी पर 22 लाख से ज्यादा दीयों की रोशनी ने इस रौनक में चार चांद लगा दिए।

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दीयों को सजाने में लगाए थे हजारों वॉलंटियर्स

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दीपोत्सव की तैयारी काफी दिन पहले से शुरू हो जाती है। इसमें हजारों वॉलंटियर्स के सहयोग का सहयोग लिया गया है। इन्हीं के सहयोग से दीपोत्सव का कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया है। करीब एक हफ्ता पहले से सरयू घाट पर दीपोत्सव की तैयारियां शुरू हो जाती है। दीपोत्सव के लिए अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार भगवान राम 14 सालों का वनवास काटकर जिस दिन वापस अयोध्या लौटे थे उसी दिन अयोध्या वासियों ने दीप जलाकर उनके स्वागत में दिवाली मनाई थी। तब से दिवाली की परंपरा चली आ रही है।

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अयोध्या में कब कितने जलाए गए दीपक

2017 में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने। इसके बाद से मानो अयोध्या के दिन ही बहुर गए। सीएम योगी की मौजूदगी में रामनगरी में 2017 में पहली बार दीपोत्सव का आयोजन किया गया। उस समय अयोध्या में एक लाख 87 हजार दीपक जलाए गए थे। इसके बाद ये कार्यक्रम हर साल मनाया जाने लगा। 2018 के दीपोत्सव में भी अयोध्या में तीन लाख 11 हजार दीपक जलाए गए, जबकि 2019 में चार लाख 10 हजार दीपक जले। अयोध्या में दीपक जलाने की प्रक्रिया में हर साल बढ़ोत्तरी होती गई और रिकॉर्ड भी बनता चला गया। 2020 में अयोध्या के सरयू घाट पर साढ़े छह लाख, 2021 में नौ लाख 41 हजार और 2022 में 15 लाख 76 हजार दीप जलाए गए। इस बार अयोध्या में 21 लाख दीप जलाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया गया है।

योगी ने खींचा प्रभु श्रीराम का रथ, आसमान से बरसे फूल

अयोध्या में भव्य दीपोत्सव से पहले मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम,जानकी और लक्ष्मण की झांकी निकाली गई। रामलीला मंचन के संक्षप्ति कार्यक्रम में 14 वर्ष वनवास के बाद भगवान राम, माता सीता और भइया लक्ष्मण पुष्पक विमान से अपनी अयोध्या लौट आए। यहां भरत और शत्रुघ्न ने गले लगकर भाइयों का स्वागत किया। यह नयनाभिरामी दृश्य शनिवार को अयोध्या में जिसने भी देखा उसके नयन छलक उठे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल व उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने पुष्पक विमान से उतरने के बाद भगवान राम, सीता और लक्ष्मण जी का स्वागत किया। वहीं हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई। अपने राम को देख समूची अयोध्या प्रफुल्लित हो उठी। हेलीपैड से भगवान श्रीराम, माता जानकी, तीनों भाई, बजरंगबली एवं गुरु वशष्ठि के साथ रथ पर सवार होकर रामकथा पार्क स्थित कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़े। जिस रथ पर प्रभु अपनी भार्या और भइयों के साथ सवार थे, उसे स्वयं सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक खींच रहे थे।

सरयू तट पर सीएम योगी ने की आरती

दीपोत्सव से पहले सीएम योगी ने सरयू घाट पर आरती की। इसके बाद लेजर शो का आयोजन किया गया। सरयूट घाट पर लगी एलडी स्क्रीन पर रामायण का दृश्य दिखाया गया। इस दौरान सरयू पुल पर वर्चुअल आतिशबाजी का भी आयोजन हुआ। राम पैड़ी पर दीपोत्सव के साथ मुख्यमंत्री ने लाइट एण्ड साउंड कार्यक्रम और प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिए लेजर शो का भी अनावरण किया।

दीपावली पर्व पर हनुमानगढ़ी व रामलला का दर्शन कर होगी मुख्यमंत्री की वापसी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दीपोत्सव के अगले दिन हनुमानगढ़ी में आराध्य का दर्शन पूजन करेंगे। पुनः श्रीरामजन्म भूमि में विराजमान रामलला का दर्शन करेंगे। इसके बाद सरयू अतिथि गृह में वह रामनगरी के विशिष्ट संत-महंतों से भेंट कर गोरखपुर के लिए रवाना होंगे।

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