बिलासपुर जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही उजागर, समय पर न आने से मरीज हो रहे परेशान

(जयेन्द्र गोले) : बिलासपुर। सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजनाओं के बावजूद जिला अस्पताल की लापरवाही वहां आने वाले मरीजों को बेहाल कर रही है। जिला अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों की देरी उनकी परेशानी बढ़ा देती है।
लोकस्वर की टीम ने दो दिनों तक सुबह 8:45 बजे अस्पताल का निरीक्षण किया, लेकिन ओपीडी के ताले तक नहीं खुले थे।
डॉक्टरों की ड्यूटी सुबह 9 बजे से निर्धारित है, लेकिन 10:30 बजे तक सिर्फ इक्का-दुक्का डॉक्टर ही पहुंचे। शनिवार को भी यही स्थिति रही—9:45 बजे तक ओपीडी में केवल तीन डॉक्टर मौजूद थे। डॉक्टरों के देर से आने के कारण मरीजों को घंटों लंबी कतारों में खड़े रहना पड़ता है। और इंतजार के चलते मरीजों के बीच बहस-विवाद तक की स्थिति बन जाती है। कई मरीज निराश होकर बिना इलाज करवाए वापस लौट रहे हैं।
जब इस मामले की जानकारी सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता को दी गई, तो उन्होंने सभी जिम्मेदार डॉक्टरों पर कार्रवाई की बात कही है। लेकिन लगातार दो दिनों की स्थिति बताती है कि सिस्टम में सुधार अभी भी दूर की बात है। अब कहा जा रहा है देरी करने पर कारण बताओ नोटिस और वेतन कटौती की जाएगी।
मरीजों का सवाल है अगर मरीज गलती करें तो उनसे माफी की उम्मीद की जाती है, पर डॉक्टर खुद समय पर न आकर सिर्फ “सॉरी” कहकर अपनी जिम्मेदारी से कैसे बच सकते हैं? जिला अस्पताल की यह स्थिति सरकार की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।




