जमीन गाइडलाइन रेट पर सरकार का यू-टर्न: कई आदेश वापस, 31 दिसंबर तक सुझाव आमंत्रित

रायपुर। प्रदेश सरकार ने जमीन की गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी से जुड़े कई प्रमुख आदेशों को वापस लेते हुए बड़ा निर्णय लिया है। लगातार मिल रही आपत्तियों और व्यापक असंतोष के बाद सरकार ने तत्काल प्रभाव से इन आदेशों को निरस्त करते हुए कहा है कि शेष मामलों पर जनता से सुझाव और शिकायतें आमंत्रित की जाएंगी।
सरकार द्वारा वापस लिए गए आदेशों में नगरीय क्षेत्रों के लिए तय किया गया 1400 वर्ग मीटर का इंक्रीमेंटल आधार नियम शामिल है, जिसकी वजह से जमीन के मूल्य में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो रही थी। इसके अलावा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के सामने और पीछे की जमीन के लिए समान दर लागू करने वाले आदेश को भी रद्द कर दिया गया है।
महत्वपूर्ण रूप से, बहुमंजिला इमारतों के सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य की गणना करने का प्रावधान भी वापस ले लिया गया है। ये सभी आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त माने जाएंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में गाइडलाइन रेट को लेकर असहमति या भ्रम है, वहां नागरिक, संगठन या हितधारक 31 दिसंबर तक अपने सुझाव और शिकायतें प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके बाद प्राप्त अभिमतों के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
इस निर्णय के बाद रियल एस्टेट सेक्टर, जमीन खरीदने–बेचने वालों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।




